औरंगाबाद: अब पंचायत स्तर पर होगा समस्याओं का समाधान, 19 मई से शुरू होंगे ‘सहयोग शिविर’
Magadh Express:-औरंगाबाद जिला प्रशासन अब जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का निपटारा करेगा। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार, आगामी 19 मई और 02 जून 2026 को जिले की विभिन्न पंचायतों में “सहयोग शिविर” का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों को सफल बनाने के लिए जिले के सभी पंचायतों में ई-रिक्शा और टेंपो के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया है।
शिविर से पहले जमा करने होंगे आवेदन
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शिविर के दिन का इंतजार करने के बजाय, अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन पंचायत सरकार भवन में समय से पूर्व ही जमा कर दें। आवेदन पहले जमा करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि संबंधित विभाग उन समस्याओं का पूर्व-परीक्षण कर सकें, ताकि शिविर के दिन ही उनका त्वरित और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके।
हर माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को लगेगा दरबार
सहयोग शिविर की रूपरेखा के अनुसार:प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर ये शिविर आयोजित होंगे।शिविर में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहेंगे।पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वरीय पदाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।
19 मई को इन पंचायतों में लगेंगे शिविर
प्रथम चरण में 19 मई को औरंगाबाद के फेसर व खैरा मिर्जा, बारूण के धमनी, देव के हसौली, मदनपुर के सलेया, कुटुम्बा के रिसियप, नबीनगर के रामपुर व टण्डवा, ओबरा के डिहरी, दाउदनगर के तरारी, गोह के डेहुरी, हसपुरा के अहियापुर और रफीगंज के चेंव व मेटनिया पंचायत में शिविर लगेंगे।
02 जून को आयोजित होने वाले शिविर
दूसरे चरण में 02 जून को बारूण (पिपरा, धनगाईं), औरंगाबाद (पड़रावाँ, खैरा बिन्द), देव (पवई, खरकनी), मदनपुर (पिपरौरा, वार), रफीगंज (पौथु, इटार, लट्टा, कजपा), कुटुम्बा (भरौंधा, कर्मा बसंतपुर, डुमरा, घेउरा), नबीनगर (महुआंव, अंकोरहा), ओबरा (तेजपुरा, डिहरा), दाउदनगर (शमशेर नगर, अरई), गोह (हथियारा, बनतारा, अमारी, तेयाप) और हसपुरा (पीरु, पुरहरा) पंचायतों में प्रशासन जनता की शिकायतें सुनेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शिविर का आयोजन सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुखी होना चाहिए। इसका उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों का पारदर्शी समाधान करना है।