Aurangabad:नवीनगर में गैस किल्लत पर बवाल: आक्रोशित उपभोक्ताओं ने किया चक्काजाम, एजेंसी पर मनमानी और कालाबाजारी का आरोप
संदीप कुमार, नवीनगर
Magadh Express: औरंगाबाद जिले के नवीनगर नगर पंचायत क्षेत्र में रसोई गैस की भारी किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ताओं का धैर्य रविवार को जवाब दे गया। गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज सैकड़ों लोगों ने अम्बा–नवीनगर मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया और तान्या इंडेन गैस एजेंसी के कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस हंगामे के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को घंटों भीषण गर्मी और परेशानी का सामना करना पड़ा।

एजेंसी की कार्यशैली से नाराज हैं उपभोक्ता
प्रदर्शन कर रहे लोगों का मुख्य आरोप है कि गैस एजेंसी बिना किसी पूर्व सूचना के कार्यालय बंद कर देती है, जिससे बुकिंग और पर्ची कटवाने में भारी असुविधा होती है। उपभोक्ताओं ने बताया कि एक सिलेंडर के लिए उन्हें 10 से 12 घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है।
क्षोभ व्यक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा DAC नंबर के बावजूद परेशानी: जिन उपभोक्ताओं के पास डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आ चुका है, उन्हें भी बिना पर्ची के गैस नहीं दी जा रही है।
- कर्मचारियों का उदासीन रवैया: उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी के कर्मचारियों का व्यवहार संवेदनहीन है और वे जनता की समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं हैं।

कालाबाजारी के गंभीर आरोप
स्थानीय बाजार में चर्चा है कि गैस की इस कृत्रिम किल्लत के पीछे कालाबाजारी का बड़ा खेल चल रहा है। आरोप है कि जरूरतमंदों को गैस नहीं मिल रही, जबकि ऊंचे दामों पर 1500 से 2000 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से अवैध बिक्री धड़ल्ले से जारी है। एक ओर प्रशासन पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर लोग रात से ही गोदाम के बाहर लाइन लगाने को मजबूर हैं।
पुलिस ने खुलवाया जाम
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया। लगभग घंटों की मशक्कत के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पीड़ित उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि तान्या इंडेन गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। लोगों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि आम जनता को इस आर्थिक और मानसिक शोषण से मुक्ति मिल सके।
