सिस्टम की पोल खोलती तस्वीर: सड़क बनी ‘तालाब’, नरक में जीने को मजबूर दयाडीह के ग्रामीण; बीमारी और दुर्गंध के बीच गुजर रही जिंदगी
विकास के दावों पर भारी ‘कीचड़’: मुख्य सड़क पर नाली का गंदा पानी बहने से पैदल चलना भी दूभर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग हो रहे चोटिल
नवीनगर/औरंगाबाद (संदीप कुमार) | सरकारी फाइलों में भले ही ‘स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव’ के दावे किए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत खजुरी पाण्डु पंचायत का वार्ड नंबर-04 (दयाडीह) आज प्रशासनिक उपेक्षा का जीता-जागता सबूत बन गया है। यहाँ की मुख्य सड़क अब सड़क कम और गंदे नाले का तालाब ज्यादा नजर आती है।
सांस लेना भी हुआ मुश्किल

गांव की एकमात्र मुख्य सड़क पर नाली का बदबूदार पानी जमा होने से ग्रामीणों का जीवन नारकीय हो गया है। हालात यह हैं कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी उचित निकासी (Drainage System) के अभाव में सड़क पर ही बह रहा है। स्थानीय ग्रामीण डॉ. अशरेश कुमार बताते हैं, “गांव में घुसते ही सड़ांध और दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। दिन-रात बदबू के कारण सांस लेना मुश्किल है और संक्रामक बीमारियों का खतरा हर पल मंडरा रहा है।”
जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते हैं बच्चे

पूर्व मुखिया प्रतिनिधि मुकुंद रजक ने बताया कि नाली निर्माण न होने से सड़क की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। यह वही रास्ता है जिससे होकर बच्चे स्कूल, मरीज अस्पताल और लोग बाजार जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कीचड़ और फिसलन के कारण आए दिन स्कूली बच्चे और बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई बार बच्चे गंदे पानी में गिरकर अपनी ड्रेस खराब कर लेते हैं और रोते हुए घर लौट जाते हैं।
प्रशासन की नींद खुलने का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या आज की नहीं, बल्कि लंबे समय से है। कई बार गुहार लगाने के बावजूद न तो पंचायत प्रतिनिधियों ने सुध ली और न ही जिला प्रशासन ने। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही नाली निर्माण और सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो बीमारी फैलने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने डीएम और स्थानीय अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।