सड़क सुरक्षा: औरंगाबाद में लगी चालकों की ‘क्लास’, IDTR में सिखाए गए सुरक्षित सफर के गुर; नशा और रफ्तार पर विशेष जोर
सड़क सुरक्षा माह-2026: डीएम के निर्देश पर परिवहन विभाग की पहल, चालकों को बताया- ‘जिंदगी अनमोल है, रिस्क न लें’
औरंगाबाद | राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत औरंगाबाद में सुरक्षित यातायात को लेकर एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को जिला पदाधिकारी (DM) श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर जिला परिवहन कार्यालय ने शहर के IDTR (Institute of Driving and Traffic Research) परिसर में वाहन चालकों के लिए एक विशेष ‘प्रशिक्षण सह रिफ्रेशर कोर्स’ का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को न केवल यातायात नियमों की याद दिलाना था, बल्कि उन्हें यह समझाना भी था कि उनकी एक छोटी सी लापरवाही कैसे किसी की जान ले सकती है।
हेलमेट, सीटबेल्ट और संयम: सुरक्षित सफर का मंत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम की कमान मोटरयान निरीक्षक (MVI) श्री नन्दन राज और प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI) श्री हितेश कुमार ने संभाली। अधिकारियों ने चालकों को यातायात संकेतों (Traffic Signs) की बारीकियां समझाईं और सड़क दुर्घटनाओं से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।
प्रशिक्षण में इन बिंदुओं पर रहा विशेष फोकस:
- रफ्तार पर लगाम: निर्धारित गति सीमा के भीतर ही वाहन चलाएं।
- सुरक्षा कवच: दोपहिया चालक हेलमेट और चारपहिया चालक सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
- जीरो टॉलरेंस: नशा या शराब का सेवन कर गाड़ी बिल्कुल न चलाएं।
- अनुशासन: लेन ड्राइविंग और ट्रैफिक सिग्नल्स का पालन।
नियम पालन मजबूरी नहीं, जिम्मेदारी है
अधिकारियों ने चालकों को जागरूक करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना केवल चालान से बचने का कानूनी डर नहीं होना चाहिए, बल्कि यह अपनी और दूसरों की जिंदगी बचाने की नैतिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी चालकों से अपील की कि वे सीखे गए नियमों का अक्षरशः पालन करें और औरंगाबाद की सड़कों को दुर्घटनामुक्त बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।