औरंगाबाद के किसानों की अब होगी ‘डिजिटल कुंडली’: DM अभिलाषा शर्मा की नई पहल, बिना ‘फार्मर आईडी’ रुक सकती है पीएम किसान की किस्त!

0
IMG-20260108-WA0044

औरंगाबाद। जिले के किसानों को बिचौलियों से बचाने और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन ने “फार्मर रजिस्ट्री – किसान की डिजिटल पहचान” अभियान को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) के निर्देश पर अब जिले के हर किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान (Farmer ID) बनाई जा रही है।

क्यों जरूरी है यह ‘फार्मर आईडी’?

​यह सिर्फ एक कार्ड नहीं, बल्कि किसानों के लिए सरकारी लाभ का प्रवेश द्वार है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में:

  • PM-Kisan सम्मान निधि: अगली किस्त पाने के लिए e-KYC और भूमि सत्यापन अनिवार्य होगा।
  • MSP पर बिक्री: धान-गेहूं बेचने में आसानी होगी।
  • मुआवजा: फसल क्षति होने पर सीधा पैसा खाते में आएगा।

गांव-गांव लग रहे हैं शिविर: 8 जनवरी का शेड्यूल

​किसानों की सुविधा के लिए पंचायतों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। आज यानी 08 जनवरी को जिले के विभिन्न प्रखंडों जैसे बारुण, कुटुंबा, हसपुरा, ओबरा, रफीगंज और गोह समेत कई पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए हैं।

  • दाउदनगर प्रखंड के सभी पंचायतों के लिए प्रखंड कार्यालय में ही मेगा शिविर का आयोजन किया गया है।

शिविर में साथ लाएं ये 3 जरूरी दस्तावेज

​किसान भाई-बहन अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज जरूर लेकर आएं, ताकि मौके पर ही आईडी बनाई जा सके:

  1. आधार कार्ड
  2. जमीन के दस्तावेज (अपने नाम की जमाबंदी)
  3. आधार से लिंक मोबाइल नंबर

कैसे बनेगी आपकी आईडी? (पूरी प्रक्रिया)

​शिविर में कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार सबसे पहले आपका e-KYC (बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन) करेंगे। इसके तुरंत बाद राजस्व कर्मचारी (हल्का कर्मचारी) आपकी जमीन के कागजों का मिलान करेंगे। दोनों स्तरों से हरी झंडी मिलते ही आपकी डिजिटल फार्मर आईडी जेनरेट हो जाएगी।

DM की अपील: वंचित न रहें किसान

​जिलाधिकारी ने अपील की है कि किसान इन शिविरों का अधिकतम लाभ उठाएं। पहले चरण के शिविर 09 जनवरी तक चलेंगे, जबकि दूसरा चरण 18 से 21 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। डिजिटल पहचान होने से किसानों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed