बड़ी खबर: जमुई में मालगाड़ी के उड़े परखच्चे, पुल से नदी में गिरे 5 डिब्बे; हावड़ा-किऊल रेलखंड पर ट्रेनों का चक्का जाम!
जमुई: बिहार के जमुई जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शनिवार की देर रात एक भीषण रेल हादसा हो गया। हावड़ा-किऊल रेलखंड पर स्थित सिमुलतला स्टेशन के पास सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी अचानक बेपटरी होकर पलट गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि मालगाड़ी के कई डिब्बे रेलवे ट्रैक के पास स्थित बड़ुआ नदी में जा गिरे।
नदी के ऊपर बने पुल पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सीमेंट से लदी यह मालगाड़ी आसनसोल से झाझा की तरफ जा रही थी। शनिवार रात करीब 11:40 बजे जैसे ही ट्रेन टेलवा बाजार के पास बड़ुआ नदी पर बने रेलवे ब्रिज पर पहुंची, अचानक उसके डिब्बे एक-एक कर ट्रैक से उतरने लगे। देखते ही देखते मालगाड़ी के करीब 15 डिब्बे बेपटरी हो गए, जिनमें से 5 डिब्बे सीधे बड़ुआ नदी के गहरे पानी में जा समाए।
हादसे के बाद मुख्य रेलखंड ठप
इस दुर्घटना के बाद हावड़ा-किऊल रेलखंड की अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। आधी रात को हुए इस हादसे से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच गए हैं।
क्या रही हादसे की वजह?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के सही कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है।
”प्रारंभिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह हादसा रेलवे ट्रैक में आई किसी खराबी की वजह से हुआ है, कोई तकनीकी चूक थी या फिर कोई अन्य कारण। हमारी प्राथमिकता फिलहाल ट्रैक को साफ कर परिचालन बहाल करने की है।” – रेलवे अधिकारी
यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी, रूट डायवर्जन की तैयारी
हादसे की भयावहता को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि मलबे को हटाने और ट्रैक की मरम्मत करने में कम से कम 8 से 9 घंटे का समय लग सकता है।
- परिचालन: फिलहाल ट्रेनों को रोकने या वैकल्पिक रास्तों (Optional Routes) से चलाने पर विचार किया जा रहा है।
- जांच: डिब्बों को हटाने के बाद रेलवे ट्रैक की गहनता से जांच की जाएगी ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और पटरियों के रखरखाव पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।