बिहार में वर्दी का ‘काला बाजार’: बेगूसराय में फर्जी DSP गिरफ्तार, दरोगा बनाने के नाम पर बेरोजगार से डकारे 20 लाख!
बेगूसराय: बिहार में ‘सुशासन’ की नाक के नीचे जालसाजी का ऐसा खेल चल रहा है जहाँ असली पुलिस से ज्यादा फर्जी अधिकारी सक्रिय नजर आते हैं। ताज़ा मामला बेगूसराय जिले का है, जहाँ पुलिस ने खाकी का रौब दिखाकर लाखों की ठगी करने वाले एक ‘फर्जी DSP’ को दबोचा है। आरोपी ने दरोगा भर्ती कराने के नाम पर एक बेरोजगार युवक के जीवन भर की कमाई और उम्मीदों को अपना शिकार बना लिया।
वर्दी पहनकर घर पहुँचता था ठग, गाड़ी पर भी लिखवाया था ‘DSP’
गिरफ्तार जालसाज की पहचान मोसादपुर गांव निवासी कर्ण कुमार (24) के रूप में हुई है, जो बीए पास है। आरोपी की धूर्तता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपनी गाड़ी पर भी ‘DSP’ लिखवा रखा था ताकि कोई उस पर शक न कर सके।
- पीड़ित अभिषेक कुमार ने बताया कि कर्ण वर्दी पहनकर उसके घर आता था और खुद को औरंगाबाद के मुफस्सिल थाने में तैनात बताता था।
- आरोपी के इस आत्मविश्वास और पुलिसिया रौब के कारण पीड़ित और उसके परिवार ने उस पर भरोसा कर लिया।
20 लाख का रेट और ‘डायरेक्ट बहाली’ का झांसा
ठगी की यह दास्तां साल 2022 में तेघड़ा के एक लाइन होटल से शुरू हुई, जहाँ कर्ण ने खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर अभिषेक को नौकरी का लालच दिया।
- साजिश: ठग ने पीड़ित को सरकारी फॉर्म भरने से भी रोक दिया और दावा किया कि वह ‘डायरेक्ट बहाली’ करवा देगा।
- पैसों का लेन-देन: दरोगा बनाने के नाम पर 20 लाख रुपये की मांग की गई। पीड़ित ने कर्ज लेकर और जमापूंजी जुटाकर दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच सात अलग-अलग चेक के माध्यम से 19 लाख 50 हजार रुपये आरोपी को दे दिए।
जब खुली पोल, तो दी जान से मारने की धमकी
3 साल तक बहानेबाजी करने के बाद जब अभिषेक ने अपने पैसे वापस मांगे, तो ‘वर्दीधारी’ ठग अपने असली रूप में आ गया। आरोपी ने पैसे लौटाने के बजाय पीड़ित के साथ गाली-गलौज की और उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। इसी बीच पीड़ित को पता चला कि कर्ण के खिलाफ पहले से ही साइबर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है, जिसके बाद अभिषेक ने हिम्मत जुटाकर तेघड़ा थाने में FIR दर्ज कराई।
