औरंगाबाद में खाद की कालाबाजारी पर नकेल: DM का सख्त आदेश- दुकानों पर छापेमारी करें अधिकारी; कंट्रोल रूम का नंबर जारी
औरंगाबाद: रबी फसलों की बुवाई के पीक सीजन को देखते हुए औरंगाबाद जिला प्रशासन ने खाद (उर्वरक) की किल्लत और कालाबाजारी रोकने के लिए कमर कस ली है। शनिवार को जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में डीएम ने साफ लफ्जों में निर्देश दिया कि किसानों को हर हाल में उचित मूल्य पर खाद मिलनी चाहिए। मुनाफाखोरी या तस्करी करने वालों पर सीधे एफआईआर और छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी।

कालाबाजारी रोकने के लिए कंट्रोल रूम तैयार
जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) ने बैठक में बताया कि किसानों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए जिला कृषि कार्यालय में एक ‘उर्वरक नियंत्रण कक्ष’ (Fertilizer Control Room) की स्थापना की गई है।
👉 हेल्पलाइन नंबर: किसान खाद से जुड़ी किसी भी समस्या या कालाबाजारी की शिकायत 06186-469430 पर कर सकते हैं।
दुकानों पर रेट चार्ट नहीं मिला तो नपेंगे कृषि समन्वयक

डीएम ने सख्त निर्देश दिया है कि जिले के सभी खुदरा उर्वरक विक्रेता अपनी दुकान के बाहर स्टॉक और रेट चार्ट (मूल्य तालिका) अनिवार्य रूप से लगाएंगे। साथ ही, वहां जिला कंट्रोल रूम का नंबर भी लिखा होना चाहिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित पंचायत के कृषि समन्वयक की होगी। अगर किसी दुकान पर गड़बड़ी मिली, तो समन्वयक पर भी गाज गिरेगी।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे:
- रैक पॉइंट का मसला (एमएलसी दिलीप कुमार सिंह): विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि कई कंपनियों का रैक पॉइंट अभी भी सासाराम में है, जिससे औरंगाबाद तक खाद लाने में भाड़ा अधिक लगता है। इस पर डीएम ने डीएओ को निर्देश दिया कि अनुग्रह नारायण रोड (A.N. Road) स्टेशन मास्टर के साथ बैठक कर वहां रैक पॉइंट का शेड्यूल तय करें और प्रस्ताव लाएं।
- नैनो यूरिया की ‘जबरन’ टैगिंग नहीं (विधायक प्रमोद सिंह): रफीगंज विधायक प्रमोद सिंह ने कहा कि किसानों को उनकी मांग के आधार पर ही नैनो यूरिया दिया जाए, इसे जबरदस्ती न थोपा जाए। वहीं, इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। इफको (IFFCO) के प्रबंधक ने बताया कि जिले में 400 एकड़ में ड्रोन के जरिए नैनो यूरिया का डेमो (प्रत्यक्षण) किया जाएगा।
- ब्लॉक स्तर पर लगे नोटिस बोर्ड (विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह): औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने सुझाव दिया कि हर प्रखंड में एक नोटिस बोर्ड लगे, जिस पर प्रतिदिन उपलब्ध खाद का स्टॉक चिपकाया जाए। इससे किसानों को भटकना नहीं पड़ेगा कि किस दुकान पर खाद है और किस पर नहीं।

ये रहे मौजूद
बैठक में डीएम और विधायकों के अलावा जिला कृषि पदाधिकारी, थोक उर्वरक विक्रेता और विभिन्न खाद कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारी मौजूद रहे।