Aurangabad:नवीनगर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ‘नहर रिमॉडलिंग’? पानी छोड़ते ही जगह-जगह उखड़ी लाइनिंग, त्रिवेणी कंपनी के काम पर भड़के किसान

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नवीनगर (संदीप कुमार):

औरंगाबाद जिले के नवीनगर में उत्तर कोयल मुख्य नहर के रिमॉडलिंग (जीर्णोद्धार) कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। त्रिवेणी कंपनी द्वारा पेटी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से कराए जा रहे करोड़ों के इस प्रोजेक्ट की पोल पहली ही परीक्षा में खुलती दिख रही है। निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद नहर की लाइनिंग जगह-जगह से उखड़ कर टूट गई है, जिससे स्थानीय किसानों में भारी आक्रोश है।

साया और कांडी गांव के पास हाल बेहाल

किसानों द्वारा दी गई जानकारी और जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है।

  • साया गांव: यहाँ नहर में बड़ी-बड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाती हैं।
  • कांडी गांव: यहाँ स्थिति और भी भयावह है। पुल और फाटक के पास नहर की लाइनिंग कई फीट तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। करीब 20 फीट से अधिक दूरी तक नहर की दीवारें टूटकर गिर गई हैं।

किसानों का आरोप: लीपापोती हो रही है

नाराज किसानों का कहना है कि रिमॉडलिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। लाइनिंग टूटने से जल प्रवाह बाधित हो रहा है और नहर के टूटने (Breach) का खतरा मंडराने लगा है। अगर यही हाल रहा तो आगे के क्षेत्रों में सिंचाई का पानी नहीं पहुँच पाएगा। किसानों का आरोप है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट की निगरानी में बड़ी चूक है।

कंपनी की सफाई: ‘दबाव के कारण हुआ नुकसान’

गुणवत्ता पर उठते सवालों के बीच त्रिवेणी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अजीत कुमार ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया, “रिमॉडलिंग कार्य के तुरंत बाद खरीफ सीजन को देखते हुए नहर में पानी छोड़ना पड़ा था। इस कारण नहर के बेड लेवल पर भूजल (Groundwater) का दबाव बढ़ गया, जिससे दो-तीन जगहों पर लाइनिंग क्षतिग्रस्त हुई है।” उन्होंने दावा किया कि विभाग ने इसके लिए तकनीकी समाधान तैयार कर लिया है और जल्द ही स्थायी मरम्मत शुरू की जाएगी।

मरम्मत की मांग

किसानों ने प्रशासन और विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते नहर की मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है और सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।

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