सीआईएसएफ के मानव संसाधन सुधार से जवानों को मिलेगा बड़ा लाभ, पदोन्नति प्रक्रिया में आया क्रांतिकारी बदलाव
नई दिल्ली।केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में लंबे समय से चली आ रही पदोन्नति और पोस्टिंग की जटिल व्यवस्था अब इतिहास बनने जा रही है। बल के मानव संसाधन (HR) ढांचे में व्यापक सुधार के तहत सरकार ने जवानों और अधिकारियों के हित में बड़ा कदम उठाया है। इसका सीधा असर सीआईएसएफ कर्मियों और उनके परिवारों के जीवन पर पड़ेगा।
अब तक CISF में पदोन्नति सिर्फ एक पद के आधार पर होती थी। इसका असर जवानों के मनोबल पर भी पड़ता था, क्योंकि लंबे समय तक पदोन्नति न मिलने से निराशा और असंतोष पनपता था। लेकिन बीते एक वर्ष में हुए सुधारों से यह तस्वीर बदल चुकी है। वर्ष 2025 के वार्षिक स्थानांतरण चक्र से नई नीति लागू होगी, जिसके तहत कर्मियों को न केवल समय पर प्रमोशन मिलेगा, बल्कि उन्हें पसंदीदा पोस्टिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी।
क्या बदला है नई व्यवस्था में?
पदोन्नति के साथ अब कर्मियों को पसंद आधारित पोस्टिंग भी दी जाएगी।
99% मामलों में समय पर पदोन्नति सुनिश्चित की गई है।
92.5% कर्मियों को अपनी पसंद की पोस्टिंग मिली।
लगभग 86% पदोन्नत कर्मियों की नियुक्ति उनकी पारिवारिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप की गई।
महिलाओं और वरिष्ठ कर्मियों के लिए विशेष प्राथमिकता दी गई है।
परिणाम क्या दिखे?

रिपोर्ट के अनुसार, पदोन्नति में आ रही 66% की कमी को पूरा कर लिया गया है। वहीं कर्मियों की संतुष्टि दर भी अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ी है। जवानों का मनोबल मजबूत हुआ है और कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
CISF की नई पहचान
यह सुधार न केवल संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम है, बल्कि जवानों के जीवन स्तर और कार्य संतुलन को भी बेहतर बनाने वाला है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में CISF की यह पहल दूसरे सुरक्षा बलों के लिए भी एक मिसाल साबित होगी।