अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई: बिहार स्वास्थ्य विभाग ने 7 डॉक्टरों को सेवा से किया बर्खास्त
पटना, बिहार: बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग सरकारी सेवाओं में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। विभाग ने विभिन्न अनुमंडलीय अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे सात विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सा पदाधिकारियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति से की गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकारी सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में शामिल हैं:
- डॉ. उत्कर्ष भारद्वाज: विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी, अनुमंडलीय अस्पताल, बखरी, बेगूसराय, जो 16.12.2021 से अनुपस्थित थे।
- डॉ. मोनिका: विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी (शिशु रोग), सदर अस्पताल, खगड़िया, जो 24.01.2019 से अनुपस्थित थीं।
- डॉ. अभिषेक केशरी: सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, दिंघी, लक्ष्मीपुर, जमुई, जो 16.12.2020 से अनुपस्थित थे।
- डॉ. रविश कुमार: चिकित्सा पदाधिकारी, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रूपसा, बांका, जो 17.05.2016 से अनुपस्थित थे।
- डॉ. दीपिका: चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल, कटिहार, जो 15.09.2020 को योगदान के पश्चात् लगातार अनुपस्थित थीं।
- डॉ. कुमारी शिवा: चिकित्सा पदाधिकारी (स्त्री रोग), सदर अस्पताल, शेखपुरा, जो 30.07.2016 से अनुपस्थित थीं।
- डॉ. कुंदन कुमार: सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सैदपुर, माँझी, खगड़िया, जो 09.09.2021 से अनुपस्थित थे।
इन सभी मामलों में विभागीय कार्यवाही संचालित की गई और जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। यह कार्रवाई उन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं, और यह सुनिश्चित करेगी कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।