बिहार आइडिया फेस्टिवल: औरंगाबाद में नवाचार का महाकुंभ, युवा उद्यमियों को मिलेगा 10 लाख तक का सीड फंड!
औरंगाबाद, 29 जुलाई 2025: नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, उद्योग विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में आज राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, औरंगाबाद के ऑडिटोरियम में बिहार आइडिया फेस्टिवल 2025 का जिलास्तरीय कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने जिले के युवाओं और नवोदित उद्यमियों में अपार उत्साह का संचार किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह और अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र; राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य; डीपीएम जीविका; एलडीएम औरंगाबाद; सिविल सर्जन; स्टार्टअप सेल प्रभारी; जिला उद्योग केंद्र के अधिकारीगण; विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं; जीविका दीदियाँ; युवा उद्यमी और महाविद्यालय के प्राध्यापकगण सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अपने स्वागत भाषण में, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र ने बिहार आइडिया फेस्टिवल की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह फेस्टिवल राज्य भर में तीन चरणों – जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और नवोदित उद्यमियों से नवाचारयुक्त व्यवसायिक विचारों का संग्रह करना, संभावित स्टार्टअप्स की पहचान करना, उन्हें आवश्यक वित्तीय सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करना और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि चयनित प्रतिभागियों को बिहार स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग, तीन लाख रुपये तक के एक्सीलेरेशन कार्यक्रम, इन्क्यूबेशन सपोर्ट, को-वर्किंग स्पेस और उद्योग विभाग द्वारा प्रायोजित पीजीडीएम (आईईवी) पाठ्यक्रम में निःशुल्क प्रवेश जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
मुख्य अतिथि श्रीमती अनन्या सिंह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से उपस्थित विद्यार्थियों, जीविका दीदियों और युवा उद्यमियों को नवाचार और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है और हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने, बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। इसी अवसर पर महाविद्यालय परिसर में नव-निर्मित स्वास्थ्य उपकेंद्र का उद्घाटन भी उप विकास आयुक्त महोदया द्वारा किया गया, जिससे स्थानीय समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
कार्यक्रम में डीपीएम जीविका और एलडीएम औरंगाबाद ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने आधुनिक युग में स्टार्टअप और नवाचार की आवश्यकता को रेखांकित किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता की विस्तृत जानकारी दी। स्टार्टअप सेल प्रभारी ने बताया कि इस महाविद्यालय के माध्यम से अब तक 18 नवोदय उद्यमियों को सीड फंडिंग प्राप्त हो चुकी है। इस दौरान, महाविद्यालय के ही छात्र और सफल उद्यमी अनुराग कुमार सिंह ने अपने स्टार्टअप सफर की प्रेरक कहानी साझा कर श्रोताओं को उत्साहित किया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एक “आइडिया हैकाथॉन” प्रतियोगिता रही, जिसमें चयनित शीर्ष तीन प्रतिभागियों को मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिली। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मणि ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन की औपचारिक घोषणा स्टार्टअप सेल प्रभारी द्वारा की गई। यह कार्यक्रम औरंगाबाद के युवाओं में उद्यमिता की भावना को प्रज्वलित करने में मील का पत्थर साबित होगा।