उपमुख्य पार्षदों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर पटना में किया पैदल मार्च,ज्ञापन सौंपा
पटना: बिहार के उपमुख्य पार्षद अपने अधिकारों की मांग को लेकर मुखर हो गए हैं। बिहार राज्य उपमुख्य पार्षद महासंघ के बैनर तले उपाध्यक्ष गोलू कुमार गुप्ता के नेतृत्व में उपमुख्य पार्षदों ने पटना विधानसभा तक एक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की और अनुमंडल पदाधिकारी, पटना को एक ज्ञापन सौंपा।

उपमुख्य पार्षदों का कहना है कि ढाई साल से ज़्यादा का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी उन्हें किसी भी तरह का प्रशासनिक, वित्तीय या योजनागत अधिकार नहीं मिला है। उनका चुनाव सीधे जनता द्वारा हुआ है, फिर भी उनकी भूमिका सिर्फ़ औपचारिक बनकर रह गई है, जिससे लोकतंत्र और विकेंद्रीकरण की भावना को ठेस पहुँच रही है।
महासंघ ने ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें:
- नगर निकाय की सभी फ़ाइलों पर उपमुख्य पार्षद के अनुमोदन का अधिकार दिया जाए।
- उपमुख्य पार्षद को हर साल ₹5 करोड़ तक की योजनाओं के चयन और उसे लागू करने का अधिकार मिले।
- सभी नगर निकाय प्रतिनिधियों को हथियार का लाइसेंस (आर्म्स लाइसेंस) दिया जाए।
- उपमुख्य पार्षद का मासिक भत्ता बढ़ाकर ₹25,000 किया जाए।
- नगर पंचायतों के उपमुख्य पार्षदों को वाहन भत्ता दिया जाए।
- सशक्त स्थायी समिति के गठन और कामकाज में उपमुख्य पार्षद को भी उचित अधिकार और भागीदारी मिले।
- उपमुख्य पार्षदों को मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, दिशा समिति और बीस सूत्री कार्यक्रम में सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि उपमुख्य पार्षदों की अनदेखी खत्म कर उन्हें उनके जनादेश के मुताबिक़ अधिकार दिए जाएँ, ताकि वे स्थानीय विकास और जनकल्याण के काम प्रभावी ढंग से कर सकें। महासंघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द ही विचार करेगी और ज़रूरी कदम उठाएगी।