औरंगाबाद में चुनाव की तैयारियां तेज: SDM ने मतदान केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
औरंगाबाद, बिहार: आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के सफल और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) श्री संतन कुमार सिंह ने बीते दिन, 22 जून 2025 को, औरंगाबाद प्रखंड के बूथ संख्या 27, मध्य विद्यालय भरथौली स्थित मतदान केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
न्यूनतम सुविधाओं पर विशेष ध्यान
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम अपेक्षित सुविधाओं (Assured Minimum Facilities – AMF) की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। SDM ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि चुनाव के दिन मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
निरीक्षण के दौरान, उन्होंने मतदान केंद्र पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए रैंप, बिजली, प्रकाश, छाया, बैठने की व्यवस्था, और केंद्र की समग्र स्वच्छता एवं सुलभता जैसी आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया।
कमियों को दूर करने के निर्देश
निरीक्षण में कई स्थानों पर कुछ आवश्यक सुविधाओं की कमी पाई गई। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए, अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, गोह को स्पष्ट रूप से कहा कि शेष सभी मतदान केंद्रों का फिर से परीक्षण किया जाए और जहां भी सुविधाओं की कमी हो, वहां तत्काल कार्य शुरू कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक सुविधाएं पूरी की जाएं।
SDM संतन कुमार सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाओं की उपलब्धता न केवल मतदाताओं को सुविधा देती है, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित भी करती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह दायित्व है कि प्रत्येक मतदाता को सम्मानजनक वातावरण में मतदान का अवसर मिले। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगामी चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर कोई कमी न रहे, इसके लिए प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है।
शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने का प्रयास
औरंगाबाद जिला प्रशासन विधानसभा चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुविधायुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण और समीक्षा कार्य जारी रहेंगे, ताकि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का हर स्तर पर पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।