औरंगाबाद:देव के मल्लाह टोली में समाजसेवी लक्ष्मण गुप्ता के नेतृत्व में मनाई गई संत बाल्मिकी की जयंती,वक्ताओं ने संत बाल्मिकी के जीवन गाथा को दुहराया

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Magadh Express:-औरंगाबाद जिले के देव नगर पंचायत स्थित वार्ड संख्या नंबर 4 स्थित मल्लाह टोली में आज सायं देव के स्थानीय समाजसेवी लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में महर्षि वाल्मिकी जयंती का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता सूर्य मंदिर न्यास समिति के सचिव विश्वजीत कुमार राय ने किया ।

जबकि संचालन प्रधानाध्यापक सुनील राम ने किया । इस दौरान प्रधानाध्यापक सुनील राम ने महर्षि वाल्मिकी जयंती पर कहा कि संत के बारे में शास्त्रों में कहा गया है कि जो अपने लिए किसी भी प्रकार की सांसरिक इच्छा न रखे और परोपकार में अपना समय लगाए वह संत है। वाल्मीकि एक डाकू थे और भील जाति में उनका पालन पोषण हुआ, लेकिन वे भील जाति के नहीं थे, वास्तव में वाल्मीकि जी प्रचेता के पुत्र थे. पुराणों के अनुसार प्रचेता ब्रह्मा जी के पुत्र थे. बचपन में एक भीलनी ने वाल्मीकि को चुरा लिया था, जिस कारण उनका पालन पोषण भील समाज में हुआ और वे डाकू बने.

वक्ताओं ने कहा कि वाल्मीकि जी ने सबसे पहले श्लोक की रचना कैसे की ?
एक बार तपस्या के लिए गंगा नदी के तट पर गये, वही पास में पक्षी का नर नारी का जोड़ा प्रेम में था. उसी वक्त एक शिकारी ने तीर मार कर नर पक्षी की हत्या कर दी, उस दृश्य को देख इनके मुख से स्वतः ही श्लोक निकल पड़ा जो इस प्रकार था :
मां निषाद प्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः।
यत्क्रौंचमिथुनादेकम् अवधीः काममोहितम्॥
अर्थात : जिस दुष्ट ने भी यह घृणित कार्य किया, उसे जीवन में कभी सुख नहीं मिलेगा.उस दुष्ट ने प्रेम में लिप्त पक्षी का वध किया हैं. इसके बाद महाकवि ने रामायण की रचना की।

कार्यक्रम के दौरान बच्चो के बीच मिठाइयां वितरित की गई । इस दौरान शिक्षक सुधीर कुमार सिंह ,उदय कुमार सिंह,रणधीर कुमार चंद्रवंशी,चंद्रदेव यादव, शिक्षक राजकुमार सिंह, नसीम खान,कुंदन कुमार सिंह, अरुण कुमार सेठ,उदय राम,अजय कुमार यादव,पप्पू मालाकार ,सहित अन्य उपस्थित रहे ।

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