औरंगाबाद में उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: 2 दुकानें सील, 5 को कारण बताओ नोटिस
Magadh Express:औरंगाबाद जिले में किसानों को सरकारी दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर जिला कृषि पदाधिकारी ने औरंगाबाद, बारुण और नवीनगर प्रखंडों में 16 उर्वरक दुकानों का सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान 7 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की गई है।
गंभीर अनियमितता पर 2 प्रतिष्ठान सील, लाइसेंस निलंबित
उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन ने दो दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है और उनकी बिक्री पर रोक लगाते हुए लाइसेंस निलंबित कर दिया है:
- राघव खाद दुकान (चरण): पॉश (PoS) मशीन में दर्ज स्टॉक की तुलना में भौतिक उर्वरक कम पाया गया।
- मेसर्स शिव पार्वती एंटरप्राइजेज (चरण): गोदाम में बिना किसी वैध अनुमति के भारी मात्रा में उर्वरक का अवैध भंडारण पाया गया।

5 विक्रेताओं से मांगा गया स्पष्टीकरण
अन्य 5 दुकानों पर किसानों को परेशान करने और नियमों की अनदेखी करने पर शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है:
| दुकान का नाम एवं स्थान | पाई गई अनियमितता / गड़बड़ी |
|---|---|
| माँ लक्ष्मी खाद भंडार (जम्होर) | पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद किसानों को खाद देने से इनकार करना। |
| कृषक उर्वरक केंद्र (शिरीष) | खाद बिक्री के बाद किसानों को पक्की रसीद न देना। |
| महादेवा ट्रेडर्स (सोनौरा) | बिना पॉश (PoS) मशीन के अवैध तरीके से उर्वरक की बिक्री करना। |
| दुर्गावती खाद भंडार (खंभा) | बिना किसी पूर्व सूचना या कारण के दुकान बंद रखना। |
| जयंती खाद भंडार (मंझियावां) | बिना किसी पूर्व सूचना के प्रतिष्ठान बंद रखना। |
कालाबाजारी पर जारी रहेगा जांच अभियान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़, कालाबाजारी या जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी प्रखंडों में दुकानों की जांच और निगरानी का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
