औरंगाबाद: 12 मई से शुरू होगा ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान, किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान (Farmer ID)

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Magadh Express:बिहार सरकार के निर्देशानुसार किसानों को डिजिटल पहचान दिलाने और कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचाने के लिए जिले में “फार्मर रजिस्ट्री – किसान की डिजिटल पहचान” अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है। सोमवार को मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की गई।


​इस बैठक में औरंगाबाद समाहरणालय से जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त श्रीमती अनन्या सिंह और जिला कृषि पदाधिकारी श्री संदीप राज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।


12 मई से 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान


​मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि यह अभियान 12 मई से 30 जून 2026 तक ‘मिशन मोड’ में संचालित किया जाएगा। इसके तहत पंचायत स्तर पर विशेष शिविर (कैंप) लगाए जाएंगे ताकि कोई भी किसान इस डिजिटल पंजीकरण से वंचित न रहे। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्तर पर अब तक लगभग 50 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जिसे अब शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य है।


बटाईदार और वास्तविक किसानों पर विशेष जोर


​इस अभियान की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:



  • समावेशी पंजीकरण: केवल भू-स्वामी ही नहीं, बल्कि बटाईदार, किरायेदार और वास्तविक खेती करने वाले किसानों को भी इस रजिस्ट्री में शामिल किया जाएगा। इसके लिए सरकार जल्द ही विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करेगी।

  • डिजिटल लैंड पार्सल: शेष बचे सभी भूमि खंडों (Land Parcels) को किसान आईडी से जोड़ा जाएगा, जिससे भूमि और किसान के रिकॉर्ड का पूर्ण डिजिटलीकरण हो सके।

  • त्वरित निष्पादन: प्रखंड और पंचायत स्तर पर प्रगति की दैनिक समीक्षा की जाएगी।


जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश


​मुख्य सचिव के निर्देशों के आलोक में जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने जिला कृषि विभाग और संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि गांवों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को इस पोर्टल से जोड़ा जाए ताकि भविष्य में उन्हें खाद, बीज और सब्सिडी जैसी सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे और आसानी से मिल सके।


​प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी पंचायत शिविर में जाकर अपनी ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) अवश्य बनवाएं और सरकार की इस जनोपयोगी पहल का लाभ उठाएं।


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