यूपी:वाराणसी में ताप विद्युत क्षेत्र की सुरक्षा पर दो दिवसीय ‘कार्यात्मक सम्मेलन’ का आगाज; CISF और दिग्गज कंपनियां साझा करेंगे समाधान
वाराणसी: देश की ऊर्जा सुरक्षा और ताप विद्युत संयंत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से वाराणसी में 6-7 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण ‘कार्यात्मक सम्मेलन’ (Functional Conference) आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), पूर्वी क्षेत्र-II मुख्यालय के तत्वावधान में आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम शहर के रेडिसन ब्लू होटल में संपन्न होगा।
प्रमुख उपस्थिति और उद्देश्य
सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु ताप विद्युत प्रतिष्ठानों (Thermal Power Plants) के सामने आने वाली आधुनिक सुरक्षा चुनौतियां और उनके प्रभावी समाधान हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में CISF के महानिदेशक, अतिरिक्त महानिदेशक, महानिरीक्षक और उप महानिरीक्षक सहित बल के तमाम वरिष्ठ अधिकारी शिरकत कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए NTPC लिमिटेड और अन्य प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों के शीर्ष प्रबंधन अधिकारी भी इस चर्चा में शामिल होंगे।

‘सुरक्षा-सहयोग-समाधान’ की थीम
यह सम्मेलन मुख्य रूप से तीन स्तंभों— ‘सुरक्षा, सहयोग और समाधान’ पर आधारित है। इसका लक्ष्य सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs), सुरक्षा एजेंसियों और निजी तकनीकी विशेषज्ञों के बीच एक साझा मंच तैयार करना है, ताकि देश की महत्वपूर्ण बुनियादी संरचनाओं को भविष्य के संभावित खतरों से बचाया जा सके।
ड्रोन और AI तकनीक का होगा लाइव प्रदर्शन
सम्मेलन का एक अन्य प्रमुख आकर्षण आधुनिक तकनीक का एकीकरण है। कार्यक्रम के दौरान:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग: सुरक्षा प्रणालियों को स्मार्ट बनाने पर चर्चा होगी।
- ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन तकनीक: इस क्षेत्र की अग्रणी निजी कंपनियां, जैसे रुद्रम डायनेमिक्स और ड्रोन वर्स, अपने अत्याधुनिक सुरक्षा समाधानों और नवाचारों का लाइव प्रदर्शन करेंगी।

महत्व:
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान परिवेश में थर्मल पावर सेक्टर पर मंडराते साइबर और भौतिक खतरों को देखते हुए यह सम्मेलन एक ‘निर्णायक मंच’ साबित होगा। यह न केवल श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) को साझा करने में मदद करेगा, बल्कि तकनीकी रूप से सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।