Aurangabad :POCSO कानून के तहत बड़ी कार्रवाई: औरंगाबाद में नाबालिग के अपहरणकर्ता को 5 साल की जेल और जुर्माना
Magadh Express:-बिहार की औरंगाबाद पुलिस ने आम नागरिकों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। माननीय न्यायालय (ADJ-06) ने पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एक आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
यह मामला 13 जून 2025 का है, जब फेसर थाना (कांड संख्या- 67/25) में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। औरंगाबाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, मानवीय इंटेलिजेंस और FSL टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कोर्ट में पुख्ता आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत का फैसला
आज दिनांक 06 मई 2026 को माननीय न्यायाधीश श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा की अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों को सही मानते हुए अभियुक्त विश्वकर्मा पासवान (साकिन- खैरा सलेम, थाना- फेसर) को दोषी करार दिया।
सुनाई गई सजा का विवरण:
न्यायालय ने दोषी को निम्नलिखित सजाओं से दंडित किया है:
- धारा 87 BNS: 05 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹20,000 का आर्थिक दंड। (जुर्माना न भरने पर 3 माह की अतिरिक्त सजा)।
- धारा 137(2) BNS: 03 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹10,000 का आर्थिक दंड। (जुर्माना न भरने पर 3 माह की अतिरिक्त सजा)।
- धारा 12 पॉक्सो एक्ट: 02 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹10,000 का आर्थिक दंड। (जुर्माना न भरने पर 3 माह की अतिरिक्त सजा)।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस फैसले को औरंगाबाद पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अपराधियों में कानून का डर बना रहे।