औरंगाबाद: मुख्य सचिव ने की विकास और सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा; स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी में बड़ा उछाल,शिक्षा और भविष्य की योजनाएं: “मेडल लाओ, नौकरी पाओ”

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Magadh Express। बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से औरंगाबाद जिले के विकास कार्यों और आंतरिक सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में विशेष रूप से उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना (Infrastructure) को मजबूत करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने पर चर्चा हुई।

सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया: UAPA के 145 मामलों पर पैनी नजर

आंतरिक सुरक्षा की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले में UAPA (गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के कुल 145 मामले वर्तमान में लंबित हैं। मुख्य सचिव ने इन मामलों की जांच और अभियोजन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि इन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष निगरानी तंत्र कार्य कर रहा है, ताकि उग्रवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

डिजिटल और भौतिक कनेक्टिविटी: 40 नए मोबाइल टावर स्थापित

दूरस्थ और उग्रवाद प्रभावित इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संचार व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। मोबाइल टावर कनेक्टिविटी के Phase-I और Phase-II के तहत अब तक जिले में 40 टावर लगाए जा चुके हैं। इससे उन इलाकों में नेटवर्क की पहुंच संभव हो पाई है जहाँ पहले संचार के साधन नगण्य थे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव: टीकाकरण में 94% की सफलता

पिछले छह महीनों (अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026) के आंकड़े जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर तस्वीर पेश करते हैं:

  • स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार: स्वास्थ्य उपकेंद्रों की संख्या 247 से बढ़कर 305 हो गई है।
  • आयुष्मान आरोग्य मंदिर: जिले में अब 218 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जो पहले 186 थे।
  • मानव बल में वृद्धि: सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की संख्या में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी हुई है (72 से बढ़कर 131)।
  • टीकाकरण: जिले ने 94% पूर्ण टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।

आर्थिक प्रगति और वित्तीय समावेशन

बैठक में जिले की आर्थिक गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। औरंगाबाद का क्रेडिट-डिपॉosit (CD) अनुपात 48.6% दर्ज किया गया है, जो स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सेवाओं और ऋण प्रवाह की स्थिति को स्पष्ट करता है।

शिक्षा और भविष्य की योजनाएं: “मेडल लाओ, नौकरी पाओ”

मुख्य सचिव ने जिले के विकास को नई गति देने के लिए तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष बल दिया:

  1. शिक्षा और उद्योग: प्रभावित क्षेत्रों में एएनएम कॉलेज, निजी महाविद्यालय और उद्योगों की स्थापना के लिए विशेष प्रोत्साहन (Incentives) देने का सुझाव दिया गया।
  2. बुनियादी ढांचा: पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रेल नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता सूची में रखा गया है।
  3. युवा सशक्तिकरण: युवाओं को खेल के प्रति आकर्षित करने के लिए “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना के तहत भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।इसके अतिरिक्त, SC/ST आवासीय विद्यालयों में छात्रों की बेहतर देखभाल के लिए ANM और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन ने संकल्प दोहराया कि सुरक्षा और विकास के समन्वय से औरंगाबाद को जल्द ही उग्रवाद मुक्त और एक मॉडल विकसित जिला बनाया जाएगा।

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