Aurangabad :चार महीने से लापता मजदूर, दर-दर भटकने को मजबूर बेबस पत्नी और मासूम बच्चे

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संदीप कुमार, नवीनगर (औरंगाबाद)

Magadh Express:औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत टंडवा थाना क्षेत्र के सिमरी गांव से एक अत्यंत मार्मिक मामला सामने आया है। यहाँ एक बेबस पत्नी अपने दो मासूम बच्चों के साथ पिछले चार महीनों से अपने लापता पति की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रही है, लेकिन अब तक प्रशासन से उसे केवल आश्वासन और निराशा ही हाथ लगी है।

रोजी-रोटी की तलाश में गए थे कर्नाटक

पीड़िता उर्मिला देवी ने बताया कि उनके पति पवन भुइया, परिवार के भरण-पोषण के लिए 1 नवंबर 2025 को गांव के ही निवासी युगेश्वर भुइया और छतरपुर के एक ठेकेदार विकास कुमार के साथ मजदूरी करने कर्नाटक गए थे। घर से निकलते समय पवन ने जल्द पैसे भेजने का वादा किया था, लेकिन वहां पहुँचने के बाद से उनका अपने परिवार से कोई संपर्क नहीं हो सका है।

ठेकेदार और साथी ने झाड़ा पल्ला

चार महीने बीत जाने के बाद भी जब पवन का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने साथ गए ग्रामीण और ठेकेदार से पूछताछ की। आरोप है कि दोनों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया और अनभिज्ञता जताई। पति के लापता होने के बाद से घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। बच्चों के सामने दाने-दाने का संकट खड़ा हो गया है।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

उर्मिला देवी ने न्याय के लिए टंडवा थाना का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने यह कहकर प्राथमिकी दर्ज करने से मना कर दिया कि मामला दूसरे राज्य (कर्नाटक) से जुड़ा है। ऐसे में एक गरीब महिला अब यह समझ नहीं पा रही कि वह अपने पति को खोजने आखिर कहाँ जाए।

वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार

निराश होकर पीड़िता ने अब जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मामले में गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग की है कि:

  • मामले की गंभीरता को देखते हुए अविलंब उच्च स्तरीय जांच की जाए।कर्नाटक पुलिस से समन्वय स्थापित कर लापता मजदूर की बरामदगी सुनिश्चित हो।दोषी ठेकेदार और बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
    “मेरे बच्चे दिन-रात अपने पिता को याद कर रोते हैं। घर में खाने को कुछ नहीं है और पुलिस मेरी सुनवाई नहीं कर रही। मैं बस अपने पति को सुरक्षित वापस चाहती हूँ।”उर्मिला देवी (पीड़िता)

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