नई दिल्ली:सरकार ने बंदरगाह सुरक्षा को मज़बूत किया: CISF को मिला ‘मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन’ (RSO) का दर्ज़ा

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Magadh Express: भारत सरकार ने देश के बंदरगाहों की सुरक्षा वास्तुकला को अभूतपूर्व तरीके से मजबूत करने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को अंतर्राष्ट्रीय जहाज और बंदरगाह सुविधा सुरक्षा (ISPS) कोड के तहत मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन (RSO) घोषित किया गया है। यह कदम ‘ब्लू इकोनॉमी’ को देश की आर्थिक वृद्धि का मुख्य साधन बनाने की सरकार की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप है।


प्रमुख सुधार और ‘हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल’
यह महत्वपूर्ण निर्णय सितंबर 2024 में गठित CISF और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DG शिपिंग) की एक संयुक्त समिति की गहन जांच और सुझावों का परिणाम है।

  • नई जिम्मेदारियां: RSO के रूप में, CISF अब सभी EXIM (निर्यात-आयात) बंदरगाहों के लिए बंदरगाह सुविधा सुरक्षा मूल्यांकन (PFSA) करेगा और बंदरगाह सुविधा सुरक्षा योजना (PFSP) विकसित करेगा।
  • लक्ष्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे बंदरगाहों में गैर-मानक सुरक्षा व्यवस्था और पुरानी कमियों को दूर करना है, ताकि सभी बंदरगाहों पर एक डोमेन विशेषज्ञ सुरक्षा एजेंसी की निगरानी सुनिश्चित हो सके।संयुक्त समिति ने एक ‘हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल’ की सिफारिश की है:
  • CISF (मुख्य कार्य): सभी EXIM बंदरगाहों पर मुख्य सुरक्षा कार्य CISF द्वारा संभाला जाएगा।
  • अन्य एजेंसियां (गैर-मूलभूत कार्य): यातायात प्रबंधन, गेट नियंत्रण और अन्य सहायक कार्य राज्य पुलिस, SISF या निजी सुरक्षा एजेंसी (PSA) द्वारा किए जा सकते हैं।यह बहुस्तरीय दृष्टिकोण बंदरगाह पारिस्थितिकी तंत्र में जवाबदेही, दक्षता और एकरूपता लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

  • सुरक्षा कर्मियों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण
    बंदरगाह सुरक्षा में व्यावसायिकता और मानक सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है:
  • अनिवार्य प्रशिक्षण: EXIM बंदरगाहों पर तैनात निजी सुरक्षा कर्मचारियों के लिए CISF विशेषज्ञों द्वारा एक अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा।
  • मानक: प्रशिक्षण का मानक वही होगा जो सफल उड़ान सुरक्षा प्रशिक्षण मॉडल का होता है, जहाँ तैनाती से पहले प्रमाणन (Certification) आवश्यक होता है।
  • पायलट सत्र सफल: CISF और DG शिपिंग द्वारा विकसित विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत JNPA, मुंबई और CHPA, चेन्नई में पायलट प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।
  • प्रस्तावित संस्थान: बंदरगाह सुरक्षा पर विशेष प्रशिक्षण देने के लिए एक समर्पित प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिससे पूरे देश में प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया मानकीकृत हो सके।सरकार का यह रणनीतिक कदम बंदरगाहों को सुरक्षित, कुशल और आधुनिक बनाकर भारत की लॉजिस्टिक्स दक्षता और ब्लू इकोनॉमी के दृष्टिकोण को मजबूत करेगा।

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