मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक: औरंगाबाद में वेजफेड योजनाओं और आधारभूत संरचना निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
Magadh Express:बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और जिले में चल रहे आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय से जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) सहित जिले के कई वरीय अधिकारी इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
औरंगाबाद से इस समीक्षा बैठक में निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे:
- जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.)
- उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह
- सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री गौरव सिंह
- दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी श्री अमित राजन
- जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री श्वेतांक लाल एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी।

वेजफेड योजनाओं की लागत एवं संरचना के मानक
समीक्षा के दौरान वेजफेड के अंतर्गत बनने वाली विभिन्न आधारभूत संरचनाओं, भंडारण गृहों और आउटलेट्स की वित्तीय और भौतिक लागत की जानकारी दी गई:
- प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचना: प्रति इकाई लगभग 10,000 वर्गफुट क्षेत्रफल और ₹114 लाख लागत।
- प्याज भंडारण संरचना: 1,500 वर्गफुट क्षेत्रफल और ₹13.05 लाख लागत।
- तरकारी आउटलेट: 150 वर्गफुट क्षेत्रफल और ₹7.44 लाख लागत।
- संघ स्तरीय शीत भंडार (Cold Storage): 25,500 वर्गफुट क्षेत्रफल और ₹368.71 लाख प्रति इकाई लागत।
राज्य स्तर पर दी गई जानकारी के मुताबिक, स्वीकृत 114 प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से 107 के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है और 93 का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
औरंगाबाद जिले की स्थिति और प्रस्ताव
औरंगाबाद जिले की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में वेजफेड के तहत तीन नव-प्रस्तावित प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचना परियोजनाएं स्वीकृत हैं।
- चयनित प्रखंड: इन परियोजनाओं के लिए ओबरा, देव एवं मदनपुर प्रखंडों का चयन किया गया है।
- लंबित प्रक्रिया: बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जिले में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फिलहाल अभियंता की प्रतिनियुक्ति का मामला लंबित है।
मुख्य सचिव द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी जिलों को निर्देश देते हुए कहा कि कृषि और सब्जी विपणन से जुड़ी इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए:
- भूमि उपलब्धता: भूमि उपलब्धता से जुड़े सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए।
- आपसी समन्वय: संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराया जाए।
- निगरानी और मापी पुस्तिका: प्रतिनियुक्त अभियंताओं के कार्यों की सतत मॉनिटरिंग हो और मापी पुस्तिका (Measurement Book) का नियमित संधारण किया जाए।
- विपणन के लिए समन्वय: वेजफेड के उत्पादों की खपत और बिक्री बढ़ाने के लिए मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन), सरकारी छात्रावासों, जीविका द्वारा संचालित कैंटीनों, जेल (कारा) और अन्य सरकारी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
जिला पदाधिकारी के निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तुरंत बाद औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, ओबरा, देव और मदनपुर में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि व अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा कर वेजफेड योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से लागू करने का निर्देश दिया।
