मुहर्रम 2026: औरंगाबाद जिला शांति समिति की बैठक संपन्न,प्रशासन की स्पष्ट नीति: ‘लाइसेंस के बिना जुलूस नहीं’,जुलुश में बाइक पर प्रतिबंध
Magadh Express:आगामी मुहर्रम पर्व (26 और 27 जून) को जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज समाहरणालय स्थित योजना भवन में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ समाज के प्रबुद्धजन, शांति समिति के सदस्य और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रशासन की स्पष्ट नीति: ‘लाइसेंस के बिना जुलूस नहीं’
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुहर्रम के दौरान बिना वैध लाइसेंस के किसी भी प्रकार के जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लाइसेंस में निर्धारित शर्तों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। प्रशासन ने कुछ प्रमुख प्रतिबंधों की घोषणा की है:
- बाइक पर प्रतिबंध: जुलूस के दौरान बाइक का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा।
- डीजे पर रोक: ध्वनि प्रदूषण और शांति भंग की संभावना को देखते हुए डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- हथियार प्रदर्शन: किसी भी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम
डीएम ने बताया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई है।
- डिजिटल निगरानी: जुलूस की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से की जाएगी।
- विद्युत सुरक्षा: बिजली विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे सभी जुलूस मार्गों पर तारों और पोलों की जांच कर लें ताकि कोई अनहोनी न हो।
- संवेदनशील स्थलों पर फोकस: मंदिर, मस्जिद और संवेदनशील इलाकों से गुजरने वाले जुलूसों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं।
अफवाहों और सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर
जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि अफवाह फैलाने वाले और सामाजिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों पर प्रशासन की पैनी नजर है। यदि कोई भी व्यक्ति धर्म, नस्ल या भाषा के आधार पर नफरत फैलाता है या धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन का आह्वान: शांति बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी
सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि प्रशासन द्वारा जुलूस मार्गों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन किसी भी भ्रामक सूचना का त्वरित खंडन करने के लिए तैयार है। बैठक के दौरान शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव दिए, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
इस बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, अपर समाहर्ता मोहम्मद सादुल हसन खां, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) संतन कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी (दाउदनगर) अमित राजन, एसडीपीओ, विभिन्न थानों के अध्यक्षों और समाजसेवियों ने भाग लिया।प्रशासन ने अंत में सभी समुदायों के नागरिकों से अपील की है कि वे परंपरा और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए मुहर्रम का त्योहार मनाएं और असामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम करने में प्रशासन का सहयोग करें।
