औरंगाबाद: “अधिनायक लिपिक” परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी, 18 केंद्रों पर मजिस्ट्रेट तैनात; वीडियोग्राफी और लाइव स्ट्रीमिंग से रखी जाएगी पैनी नजर

0
1001388668

Magadh Express:बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग, पटना के विज्ञापन संख्या-01/2026 के तहत बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग में “अधिनायक लिपिक” पद पर नियुक्ति हेतु परीक्षा का आयोजन आगामी 10 जून 2026 (बुधवार) को होने जा रहा है। परीक्षा को पूरी तरह से सफल, शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त (चीटिंग-मुक्त) वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

​इस सिलसिले में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर अपर समाहर्ता श्री अनुग्रह नारायण सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित योजना भवन के सभाकक्ष में एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

​एक पाली में होगी परीक्षा, बनाए गए 18 केंद्र

​अपर समाहर्ता ने बताया कि औरंगाबाद जिले में यह परीक्षा 10 जून 2026 को एक ही पाली में आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिले भर में कुल 18 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, जिसके तहत स्टैटिक दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट), जोनल दंडाधिकारी और उड़नदस्ता दल (फ्लाइंग स्क्वाड) का गठन किया गया है।

​परीक्षा के मुख्य नियम और प्रशासनिक गाइडलाइंस:

​1. समय का कड़ाई से पालन (9:30 बजे बंद होंगे गेट)

  • ​परीक्षा सुबह 10:00 बजे से शुरू होगी।
  • ​परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले, यानी सुबह 09:30 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
  • ​निर्धारित समय के बाद (09:30 बजे के बाद) आने वाले किसी भी अभ्यर्थी को किसी भी परिस्थिति में परीक्षा भवन के अंदर जाने नहीं दिया जाएगा।
  • ​सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले अपने-अपने केंद्रों पर अनिवार्य रूप से तैनात हो जाएंगे।

​2. सघन फ्रिस्किंग और महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग व्यवस्था

  • ​सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की बेहद बारीकी से जांच (फ्रिस्किंग) की जाएगी।
  • ​अभ्यर्थी केवल अपना प्रवेश पत्र (Admit Card) और एक वैध फोटो पहचान पत्र ही अंदर ले जा सकेंगे।
  • ​मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या किसी भी प्रकार का कागज अंदर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • ​महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए परीक्षा केंद्रों पर अलग से घेरायुक्त स्थल या विशेष कक्ष की व्यवस्था की गई है।

​3. हर गतिविधि की वीडियोग्राफी और डिजिटल निगरानी

  • ​परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर केंद्र पर प्रश्नपत्र/गोपनीय सामग्री के सील खोलने से लेकर परीक्षा समाप्ति के बाद उसे दोबारा पैक करने तक की संपूर्ण प्रक्रिया की अनिवार्य वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
  • ​जिला आपदा प्रबंधन शाखा में एक केंद्रीय जिला नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है।
  • ​सभी परीक्षा केंद्रों के मुख्य गेट, नियंत्रण कक्ष और परीक्षा हॉलों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग सीधे जिला कंट्रोल रूम में होगी, जहां से वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की गतिविधि पर नजर रखेंगे।

​अनुशासनहीनता पर होगी तत्काल कानूनी कार्रवाई

​अपर समाहर्ता ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान अनुशासनहीनता, अशोभनीय आचरण या कदाचार (नकल) करने की कोशिश करता है, तो केंद्राधीक्षक तुरंत इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष को देंगे। उड़नदस्ता दल ऐसे तत्वों और अभ्यर्थियों के खिलाफ ऑन-द-स्पॉट सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही उन्होंने सभी केंद्रों पर पेयजल, उचित प्रकाश (लाइटिंग) और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

​बैठक में ये रहे उपस्थित

​इस महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री संतन कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), सभी संबंधित परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक, पुलिस पदाधिकारी तथा परीक्षा संचालन से जुड़े अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed