Aurangabad :गुजरात में नवीनगर के मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: एकमात्र कमाऊ सदस्य थे कन्हाई
संवाददाता: संदीप कुमार
Magadh Express: बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर नगर पंचायत क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। रोज़ी-रोटी की तलाश में गुजरात गए नवीनगर के एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान वार्ड संख्या-12, भवानो खाप गांव निवासी कन्हाई ठाकुर (उम्र लगभग…/पिता- स्वर्गीय राजेंद्र ठाकुर) के रूप में हुई है। कन्हाई ठाकुर का शव जैसे ही उनके पैतृक गांव भवानो खाप पहुंचा, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और माहौल गमगीन हो गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है।
रिलायंस कंपनी के गेट के पास मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्हाई ठाकुर अपने परिवार के भरण-पोषण और आर्थिक तंगहाली से उबरने के लिए गांव के ही साकेत साव और अन्य सहयोगियों के साथ गुजरात के दहेज क्षेत्र में गए थे। वहां वे रिलायंस कंपनी में हेल्पर के रूप में काम कर रहे थे। बताया जाता है कि जगेश्वर गांव के समीप रिलायंस कंपनी के गेट नंबर-3 के पास उनका शव अत्यंत संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ।
मौत के कारणों को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों के बीच गहरी आशंकाएं और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। मृतक के साथ काम करने वाले साथी ही शव को लेकर गुजरात से नवीनगर पहुंचे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: एकमात्र कमाऊ सदस्य थे कन्हाई
ग्रामीणों ने अत्यंत दुखी मन से बताया कि कन्हाई ठाकुर अपने घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत के बाद अब परिवार के सामने जीवन-यापन और आर्थिक संकट का एक बड़ा पहाड़ खड़ा हो गया है। कन्हाई ठाकुर अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियों और दो पुत्रों का परिवार छोड़ गए हैं।
पहले भी झेल चुके हैं बड़ा आघात: > यह परिवार पहले से ही नियति की क्रूर मार झेल रहा है। मृतक के बड़े पुत्र प्रिंस ठाकुर की 31 अक्टूबर 2022 को एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस गहरे सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि घर के मुखिया की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पति की असामयिक और संदिग्ध मौत की खबर सुनते ही पत्नी शारदा देवी सुध-बुध खो बैठी हैं और बार-बार बेसुध हो जा रही हैं। कन्हाई ठाकुर की एक पुत्री कल्पना कुमारी की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी पुत्री सपना कुमारी और पुत्र पंकज कुमार अभी छात्र हैं और पढ़ाई कर रहे हैं। शव के घर पहुंचते ही परिजनों के करुण क्रंदन से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। ढांढस बंधाने के लिए मृतक के घर पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
घटना के बाद से भवानो खाप गांव और आसपास के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भी उम्मीदें टिकी हैं। ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बिहार और गुजरात प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
साथ ही, परिवार की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित रिलायंस कंपनी से मानवीय आधार पर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने,बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराने, तथाआश्रितों को रोजगार देने की पुरजोर मांग की है।