औरंगाबाद: DM की मौजूदगी में लगा जनता दरबार, ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ पहल के तहत सुनी गईं आम जनता की समस्याएं
Magadh Express:औरंगाबाद जिला प्रशासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी को कम करने तथा जन-समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से सोमवार (25 मई 2026) को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी (DM) श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा०प्र०से०) की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार सात निश्चय-3 के अंतर्गत चलाई जा रही महत्वाकांक्षी पहल “सबका सम्मान – जीवन आसान” के तहत आयोजित हुआ, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे सैकड़ों फरियादियों ने अपनी शिकायतों को डीएम के समक्ष रखा।
भूमि विवाद, राशन कार्ड और दाखिल-खारिज के मामलों की रही भरमार
जनता दरबार में पहुंचे आम नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं को लेकर जिला पदाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपे। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों और विषयों से जुड़े मामले सामने आए:
- राजस्व एवं भूमि सुधार: दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), भूमि विवाद, जमीन पर अवैध कब्जा, परिमार्जन, एलपीसी (LPC) निर्गत करने और भूमि मापी से संबंधित शिकायतें।
- आपूर्ति एवं आवास: नए राशन कार्ड बनवाने, पुराने में नाम जोड़ने और इंदिरा आवास (प्रधानमंत्री आवास योजना) की लंबित किस्तों से जुड़े मामले।
- विकास कार्य: गांवों में नाली-गली निर्माण, सड़कों के चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की मांग।
- बाल विकास (ICDS): आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका बहाली में अनियमितता और मानदेय भुगतान में हो रही देरी।
- अन्य मामले: पैक्स से संबंधित शिकायतें, अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान और विभिन्न जनहित के विषय।

DM के कड़े निर्देश: गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध हो समस्याओं का निपटारा
जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने जनता दरबार में आए एक-एक परिवादी की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में त्वरित एक्शन लेने के निर्देश दिए।
डीएम ने सख्त लहजे में कहा, “जनता दरबार में प्राप्त होने वाले हर एक आवेदन का निष्पादन पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और न्यायसंगत होना चाहिए। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी प्राप्त परिवादों को विधिवत पंजी (रजिस्टर) में दर्ज कर संबंधित विभागों को अग्रसारित किया जाए और एक निश्चित समय-सीमा के भीतर उनका निपटारा सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें

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नियमित होगी कार्यों की समीक्षा
प्रशासनिक पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आगे भेजे गए आवेदनों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी वह खुद नियमित रूप से समीक्षा (रिव्यू) करेंगी। जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि “सबका सम्मान – जीवन आसान” पहल के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और न्याय का लाभ आसानी से पहुंच सके।
