औरंगाबाद: खरीफ सीजन में नहीं होगी खाद की किल्लत, कालाबाजारी पर रोक के लिए शुरू होगा ‘धरती माता बचाओ अभियान’
Magadh Express:आगामी खरीफ मौसम 2026 में किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती अनन्या सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में खरीफ फसलों के आच्छादन के अनुरूप यूरिया, डीएपी सहित विभिन्न उर्वरकों की प्रखंडवार और माहवार उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने साफ तौर पर कहा कि जिले के किसी भी प्रखंड में उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

जिले में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है खाद का स्टॉक
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) श्री संदीप राज ने जिले में उपलब्ध रसायनिक उर्वरकों के मौजूदा स्टॉक के आंकड़े प्रस्तुत किए, जो इस प्रकार हैं:
| उर्वरक का प्रकार | कुल आवश्यकता (मे.टन) | वर्तमान उपलब्धता (मे.टन) | उपलब्धता का प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| यूरिया | 35,500 | 14,877 | 41.91% |
| डी.ए.पी. (DAP) | 9,000 | 2,632 | 29.25% |
| एन.पी.के. (NPK) | 10,000 | 5,566 | 55.66% |
| एस.एस.पी. (SSP) | 6,500 | 5,622 | 86.50% |
| एम.ओ.पी. (MOP) | 1,500 | 456.95 | 30.46% |
| कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद का उप-आवंटन (अलॉटमेंट) कर दिया गया है। |
‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत रुकेगी अवैध निकासी
बैठक में रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते असंतुलित उपयोग और उद्योगों में इसकी संभावित अवैध निकासी (तस्करी) पर चिंता व्यक्त की गई। इन चुनौतियों से निपटने और किसानों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन एक बहुस्तरीय व्यापक तंत्र तैयार कर रहा है, जिसे ‘‘धरती माता बचाओ अभियान‘‘ का नाम दिया गया है। इसके तहत ग्राम, अनुमंडल और जिला स्तर पर विशेष निगरानी समितियों का गठन किया जाएगा।

जनप्रतिनिधियों का कड़ा निर्देश: “कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर लगे लगाम”
बैठक में मौजूद माननीय जनप्रतिनिधियों ने विधिक और व्यावहारिक व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
- विधान पार्षद श्री दिलीप कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में खाद की किसी भी स्तर पर कालाबाजारी, जमाखोरी, तस्करी या मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी खुदरा विक्रेताओं को एक समान उर्वरक आवंटित किया जाए।
- विधायक (औरंगाबाद) श्री त्रिविक्रम नारायण सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा जारी मंथली सप्लाई प्लान के अनुसार खाद कंपनियों से लगातार समन्वय बनाकर रखें, ताकि सीजन के मुख्य समय में किसानों को कोई किल्लत न हो।
- पैक्स (PACS) के माध्यम से वितरण सुदृढ़ करने के लिए निर्देश दिया गया कि जिन पैक्स अध्यक्षों ने अब तक उर्वरक लाइसेंस नहीं बनवाया है, जिला सहकारिता पदाधिकारी उन्हें तुरंत प्राधिकार पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करें।
शिकायत के लिए ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित, ऐप से भी मिलेगी जानकारी
किसानों की समस्याओं के त्वरित निवारण और खाद से जुड़ी शिकायतों के लिए जिला कृषि कार्यालय में एक उर्वरक नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की स्थापना की गई है।
- कंट्रोल रूम नंबर: 06186-469430 पर किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- डिजिटल सुविधा: किसान भाई अपने नजदीकी खाद दुकानदार के पास उपलब्ध स्टॉक की लाइव जानकारी प्रतिदिन ‘बिहार कृषि ऐप’ के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं।

बैठक में ये सभी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से विधान पार्षद श्री दिलीप कुमार सिंह, विधायक श्री त्रिविक्रम नारायण सिंह, ओबरा विधायक श्री संजय सिंह सोम के आधिकारिक प्रतिनिधि, अपर समाहर्ता श्री अनुग्रह नारायण सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी श्री संदीप राज, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (औरंगाबाद) श्री राकेश रंजन, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (दाउदनगर) रजनीकान्त भारती, मिट्टी जांच प्रयोगशाला के सहायक निदेशक श्री दीपक कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र सिरिस के वैज्ञानिक, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित सभी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक और थोक विक्रेता उपस्थित रहे।