औरंगाबाद: बकरीद पर्व को लेकर अनुमंडलस्तरीय शांति समिति की बैठक, सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल’ पहरा, अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं
Magadh Express:आगामी ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) श्री संतन कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में अनुमंडलस्तरीय शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कप्तानों, नगर निकाय प्रतिनिधियों और शांति समिति के प्रबुद्ध सदस्यों ने भाग लेकर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारियों पर विस्तृत रणनीति बनाई।
28 मई को बकरीद की संभावना, मस्जिदों और ईदगाहों में रहेगी विशेष व्यवस्था
बैठक को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष ईद-उल-जोहा (बकरीद) का पर्व 28 मई 2026 को मनाए जाने की संभावना है। इस अवसर पर जिले की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी तथा परंपरागत रूप से कुर्बानी दी जाएगी। पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक बुनियादी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

संवेदनशील स्थलों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती, उपद्रवियों पर बीएनएस के तहत कार्रवाई
बैठक के दौरान विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एसडीओ ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
- मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति: क्षेत्र के सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त संख्या में दण्डाधिकारियों (मजिस्ट्रेट), पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
- निरोधात्मक कार्रवाई: संभावित गड़बड़ी या अवांछनीय गतिविधियों को रोकने के लिए असामाजिक तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के विभिन्न कड़े प्रावधानों के तहत निरोधात्मक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल’ पहरा, अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं
प्रशासन ने साफ किया है कि पर्व के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों से कड़ाई से निपटा जाएगा। फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तकनीकी टीम द्वारा विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा करने वालों पर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या बिना जांच वाली सूचना पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
कमान संभालेंगी QRT टीमें, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में CRPF और STF की गश्त
किसी भी आपातकालीन या आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला, अनुमंडल और थाना स्तर पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगी।इसके अलावा, जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिए जिला पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ (STF) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों द्वारा लगातार एरिया डोमिनेशन और सघन गश्ती अभियान चलाया जाएगा।
स्वच्छता और चिकित्सा के लिए विशेष गाइडलाइन
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन के मद्देनजर भी प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई है:
- मेडिकल अलर्ट: अस्पतालों को अलर्ट पर रखते हुए जीवन रक्षक दवाओं के साथ मेडिकल टीम और एम्बुलेंस को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।
- स्वच्छता और विसर्जन: शांति समिति के सदस्यों से सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है। कुर्बानी के अवशेषों को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से तुरंत जमीन में गाड़ने तथा उन स्थलों पर चूना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया है।