Aurangabad:ओझा-डायन के आरोप में दोहरी हत्या के 5 दोषियों को आजीवन कारावास, औरंगाबाद न्यायालय का बड़ा फैसला
Magadh Express:औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के जमुआई गांव में करीब 5 साल पहले ओझा-डायन का आरोप लगाकर दो व्यक्तियों की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में माननीय न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। औरंगाबाद पुलिस के सफल अनुसंधान और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ADJ-08, श्री मनीष कुमार जायसवाल ने कांड में संलिप्त सभी 5 अभियुक्तों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
क्या था मामला?
यह मामला मदनपुर थाना अंतर्गत ग्राम-जमुआई का है, जहां दिनांक 29 जून 2021 को अंधविश्वास के फेर में ओझा-डायन का आरोप लगाकर दो व्यक्तियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस दोहरे हत्याकांड के संदर्भ में मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मदनपुर थाना कांड संख्या-154/21 (दिनांक 30.06.2021) के तहत नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य बने आधार
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद औरंगाबाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस द्वारा तकनीकी अनुसंधान, ह्यूमन इंटेलिजेंस, घटनास्थल का निरीक्षण और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस ने वादी एवं साक्षियों के बयान और FSL रिपोर्ट का गहनता से अवलोकन कर कांड दैनिकी (केस डायरी) में दर्ज किया और समय पर आरोप पत्र (चार्जशीट) माननीय न्यायालय में विचारण हेतु समर्पित किया।

इन 5 अभियुक्तों को मिली सजा
दिनांक 21 मई 2026 को एपीपी श्री प्रदीप कुमार सिंह के सफल संचालन के उपरांत, अदालत ने साक्ष्यों, अभियोजन के तर्कों तथा न्यायिक दृष्टांतों से सहमत होकर मदनपुर थाना के जमुआई गांव निवासी निम्नलिखित 5 अभियुक्तों को दोषी पाया:
- लालमोहन भुइयाँ (पिता- स्व. वंशी भुइयाँ)
- तपेस्वर भुइयाँ (पिता- स्व. मोहन भुइयाँ)
- रामप्यारे भुइयाँ (पिता- स्व. पंधु भुइयाँ)
- अशर्फी भुइयाँ (पिता- रामप्यारे भुइयाँ)
- राजेश भुइयाँ (पिता- तपेस्वर भुइयाँ)
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा का विवरण:
- धारा-302 भा०द०वि० (हत्या): उक्त पाँचों अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड। अर्थदंड की राशि नहीं देने पर 01 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
- धारा-148 भा०द०वि०: पाँचों अभियुक्तों को 02-02 वर्षों का सश्रम कारावास।
- धारा-147 भा०द०वि०: पाँचों अभियुक्तों को 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास।
- धारा-448 भा०द०वि०: पाँचों अभियुक्तों को 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास।
माननीय न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अभियुक्तों को दी गई ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। औरंगाबाद पुलिस के इस सफल प्रयास से आम नागरिकों को न्याय दिलाने और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने में एक बड़ी कामयाबी मिली है।