नई दिल्ली:देवघर रिमांड होम में युवती की संदिग्ध मौत: मानवाधिकार आयोग सख्त, मुख्य सचिव और SP से माँगा जवाब
नई दिल्ली/देवघर: झारखंड के देवघर जिले में स्थित चरखी पहाड़ी रिमांड होम में एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुधार गृहों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है।
दो सप्ताह में मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
आयोग ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव और देवघर के पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग का मानना है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दिए गए तथ्य सही हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक बेहद गंभीर मामला है।
घटना का विवरण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2 मई 2026 को रिमांड होम में रह रही युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। रिमांड होम के कर्मचारियों ने उसे आनन-फानन में देवघर सदर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवती की मृत्यु के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
चार महीनों में पांच मौतें: व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने रिमांड होम के प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से अब तक इस रिमांड होम में कुल पाँच कैदियों की मृत्यु हो चुकी है। इतने कम समय में पाँच मौतों की घटना ने यहाँ की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक देखरेख पर गहरे प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
मुख्य बिंदु:
- मृतक: 19 वर्षीय युवती।
- स्थान: चरखी पहाड़ी रिमांड होम, देवघर (झारखंड)।
- NHRC का रुख: मुख्य सचिव और SP को नोटिस जारी।
- चिंता का विषय: जनवरी 2026 से अब तक 5 कैदियों की मौत।
अब देखना यह होगा कि राज्य प्रशासन आयोग को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट में इन मौतों के क्या कारण बताता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।
