Magadh Express:औरंगाबाद जिला पदाधिकारी द्वारा गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीण आवास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक शामिल हुए। समीक्षा के दौरान डीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के साथ-साथ मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना और सहायता योजना की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया।
लक्ष्य के करीब पहुंचा जिला
समीक्षा में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए औरंगाबाद जिले को कुल 25,652 आवासों का लक्ष्य मिला था। जिला प्रशासन ने अब तक 25,523 परिवारों को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जो कुल लक्ष्य का 99.50% है। मात्र 129 आवासों की स्वीकृति फिलहाल लंबित है।
लंबित आवासों के मुख्य कारण
बैठक में बताया गया कि शेष बचे 129 मामलों में देरी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:107 परिवार: भूमि की उपलब्धता न होना।10 मामले: पहचान संबंधी (आधार) तकनीकी त्रुटियाँ।12 मामले: अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी कारण।
जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि इन बाधाओं को दूर कर एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत स्वीकृति सुनिश्चित करें।
किस्तों के भुगतान और निर्माण की स्थिति
आवास निर्माण की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि:
24,784 परिवारों को प्रथम किस्त दी जा चुकी है।
23,061 परिवारों को दूसरी किस्त का भुगतान हो चुका है।
17,396 परिवारों को तीसरी किस्त मिल चुकी है।
निर्माण की बात करें तो 14,440 आवास पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 2,956 आवासों का निर्माण कार्य अभी अंतिम चरणों में या अपूर्ण है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
डीएम ने अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा कराने के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आवास पर्यवेक्षक और प्रखंड स्तर के अधिकारी लाभुकों से निरंतर संपर्क बनाए रखें ताकि निर्माण कार्य में तेजी आए।इसके अलावा, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत भी लंबित कार्यों को प्राथमिकता पर रखने को कहा गया है।
डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि “गरीबों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आवास का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”