औरंगाबाद: अदरी नदी के सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ, अवैध अतिक्रमणकारियों को मिला अल्टीमेटम
Magadh Express:मुख्यमंत्री बिहार की ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री संतन कुमार सिंह ने अदरी नदी के समीप अवैध रूप से अतिक्रमित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया है।
3 किलोमीटर के दायरे में है अतिक्रमण
नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत अदरी नदी के सौंदर्यीकरण और नदी तट विकास का कार्य कराया जाना है। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के समीप कामा विगहा से लेकर अब्दुल कलाम पार्क तक लगभग 3 किलोमीटर की लंबाई में कई स्थानों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस अतिक्रमण की वजह से विकास कार्य की समय सीमा और गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी।

अमीन ने की मापी, जल्द हटेगा कब्जा
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम के साथ अमीन भी मौजूद थे, जिन्होंने संबंधित भूमि की विधिवत मापी की। SDO संतन कुमार सिंह ने अवैध रूप से बसे लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वयं ही अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुनर्वास की भी तैयारी
मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की योजना भी बनाई है।
- वैकल्पिक भूमि की खोज: अंचल अधिकारी (CO) को निर्देशित किया गया है कि वे अतिक्रमित भूमि पर बसे लोगों के लिए वैकल्पिक भूमि चिन्हित करें।
- व्यवस्थित बसावट: प्रशासन का उद्देश्य है कि विकास कार्य में बाधा भी न आए और प्रभावित परिवारों को व्यवस्थित रूप से दूसरी जगह बसाया जा सके।
इस सौंदर्यीकरण परियोजना के पूरा होने से औरंगाबाद शहर को न केवल जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन और पर्यावरण की दृष्टि से भी अदरी नदी का तट एक नए आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित होगा।