Aurangabad:चैत्र छठ की छटा: छठ गीतों से गुंजायमान हुआ देव, तैयारियां अंतिम चरण में
Magadh Express: ऐतिहासिक और पौराणिक त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर नगरी, देव, एक बार फिर आस्था के महापर्व चैत्र छठ के लिए पूरी तरह तैयार है। भगवान भास्कर की आराधना के इस पावन अवसर पर चारों ओर भक्ति का माहौल है। जैसे-जैसे महापर्व की तिथियां नजदीक आ रही हैं, देव की गलियां और मंदिर परिसर “कांच ही बांस के बहिनियां” और “उगा हो सुरुज देव” जैसे पारंपरिक छठ गीतों से गुंजायमान होने लगे हैं।

तैयारियों का जायजा
प्रशासन और स्थानीय पूजा समितियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं:
- सूर्य कुंड की सफाई: सूर्य मंदिर के समीप स्थित पवित्र सूर्य कुंड (पोखरा) की विशेष सफाई कराई गई है। जल स्तर और सुरक्षा घेरे (बैरिकेडिंग) का पुख्ता इंतजाम किया गया है।
- रोशनी और सजावट: पूरे देव नगर को दूधिया रोशनी से नहलाया जा रहा है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर छठ घाट तक आकर्षक सजावट की गई है।
- सुरक्षा व्यवस्था: भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
- श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं: भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल, टेंट और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले व्रतियों को कोई असुविधा न हो।
भक्तिमय हुआ वातावरण
देव में छठ का महत्व विशेष है, क्योंकि यहाँ साक्षात सूर्य देव का वास माना जाता है। स्थानीय बाजारों में सूप, दउरा और मिट्टी के चूल्हों की दुकानें सज गई हैं। शाम होते ही मंदिर परिसर में बज रहे छठ गीतों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया है, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।
“देव की यह परंपरा सदियों पुरानी है। चैत्र छठ में यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती है। हमारी कोशिश है कि हर व्रती सुरक्षित और सुगम तरीके से भगवान भास्कर को अर्घ्य दे सके।”
— स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी
