Aurangabad : देव पुलिस की बड़ी कार्रवाई: रंजीत हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, पत्नी समेत 8 गिरफ्तार
Magadh Express: बिहार के औरंगाबाद जिला अंतर्गत देव थाना क्षेत्र में हुए रंजीत कुमार हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। जिसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी, वह वास्तव में एक सुनियोजित हत्या निकली। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी, सास-ससुर और साले सहित कुल 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
घटना की शुरुआत 18 फरवरी 2026 को हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बेलसारा भुइया बिगहा निवासी रंजीत कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि, मौके पर पहुँची पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर देव थाना कांड संख्या-47/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

SIT का गठन और अनुसंधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) औरंगाबाद ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर-02, मदनपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया, जिससे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
जांच में खुलासा: रंजीत और उसकी पत्नी प्रियंका के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना के दिन हुए झगड़े के बाद प्रियंका ने अपने मायके वालों और ग्रामीणों के साथ मिलकर रंजीत की हत्या की साजिश रची। रंजीत के साथ मारपीट कर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को गांव के बाहर बगीचे में फंदे से लटका दिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए षड्यंत्र में शामिल निम्नलिखित 08 लोगों को गिरफ्तार किया है:प्रियंका कुमारी (पत्नी),चांदमुनी देवी (सास),गणेश रिकियासन (ससुर),मुन्ना रिकियासन (साला),शिवशंकर पासवान (ग्रामीण),पिंटू भुईया (ग्रामीण),हरेराम भुईया (ग्रामीण)कुंदन कुमार (ग्रामीण) ।
पुलिस की उपलब्धि: औरंगाबाद पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और तकनीकी अनुसंधान ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। सभी अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
