फोन बजता रहा, नदारद रहे कर्मी: PM किसान योजना के काम में कोताही पर BDO सख्त, 9 लोगों से पूछा- क्यों न काट लें वेतन?
औरंगाबाद (कुटुंबा) | जिले में चल रहे “फार्मर रजिस्ट्री” और “पीएम किसान सम्मान निधि” के कार्यों में लापरवाही बरतना अब कर्मियों को भारी पड़ने लगा है। कुटुंबा प्रखंड में सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाने वाले 9 कर्मियों पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) का गुस्सा फूट पड़ा है। ड्यूटी से गायब रहने और वरीय अधिकारी का फोन तक रिसीव न करने के आरोप में BDO ने एक साथ 9 कर्मियों को ‘शो-कॉज’ (कारण बताओ) नोटिस जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8 जनवरी 2026 को कुटुंबा प्रखंड में पीएम किसान योजना के तहत शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में किसानों के E-KYC और सत्यापन के लिए पंचायत रोजगार सेवक (PRS) और अन्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। लेकिन हद तो तब हो गई जब ड्यूटी पर तैनात कर्मी शिविर से नदारद पाए गए।
फोन घनघनाते रहे साहब, कर्मी रहे बेपरवाह
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र (ज्ञापांक 39, दिनांक 08.01.2026) के अनुसार, जब शिविर के दौरान इन कर्मियों को मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो इन्होंने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। BDO ने इसे सरकारी कार्य में घोर लापरवाही, वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना और कार्य में अभिरुचि नहीं लेना माना है।
इन 9 कर्मियों पर गिरी गाज:
BDO ने जिन कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है, उनमें शामिल हैं:
- संजय कुमार (PRS)
- श्री नाथ राम
- प्रदीप कुमार (PRS)
- रामकेश कुमार
- पुरंजय कुमार
- रंजीत कुमार
- मुरारी राम
- प्रमोद कुमार
- मो. रेयाजुद्दीन
वेतन कटने का अल्टीमेटम
BDO ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि संबंधित कर्मी अपना स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराएं और ससमय शिविर में उपस्थित होकर कार्य करें। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एक दिन का वेतन स्थगित करने हेतु संबंधित विभाग को अनुशंसा भेज दी जाएगी।
इस कार्रवाई से प्रखंड कार्यालय और अन्य कर्मियों में हड़कंप मच गया है। यह स्पष्ट संदेश है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।