औरंगाबाद में शिक्षा का मंदिर शर्मसार: क्लासरूम में बच्चों के सामने हेडमास्टर ने सहायक शिक्षक को जूतों से पीटा, DEO तक पहुंचा मामला
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने गुरु-शिष्य की परंपरा और शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक सरकारी स्कूल के क्लासरूम में बच्चों के सामने ही प्रभारी प्रधानाध्यापक (Headmaster) ने मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ते हुए एक सहायक शिक्षक की जूतों से पिटाई कर दी। इस घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया है और सहमे हुए बच्चों के बीच दहशत का माहौल है। मामला नबीनगर प्रखंड के चरण उच्च विद्यालय का है ।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत किसी बात को लेकर आपसी कहासुनी से हुई थी। लेकिन देखते ही देखते प्रभारी प्रधानाध्यापक इतना उग्र हो गए कि उन्होंने अपने पद की गरिमा भुला दी। उन्होंने कक्षा में पढ़ाई कर रहे बच्चों के सामने ही सहायक शिक्षक पर जूतों से हमला कर दिया। बच्चों के लिए यह नजारा किसी डरावने सपने जैसा था, जहाँ उनके आदर्श शिक्षक आपस में हिंसक तरीके से लड़ रहे थे।
पीड़ित शिक्षक ने लगाई न्याय की गुहार
इस अपमानजनक घटना से आहत सहायक शिक्षक ने जिले के शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को लिखित शिकायत दी है। शिक्षक का कहना है कि भरी क्लास में जूतों से पिटाई होने के बाद उनका आत्मसम्मान बुरी तरह आहत हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसे हिंसक माहौल और अपमान के बीच उस स्कूल में काम करना अब उनके लिए मुमकिन नहीं है।
”शिक्षक ने DEO से मांग की है कि दोषी प्रधानाध्यापक पर सख्त कार्रवाई की जाए और तत्काल प्रभाव से उनका (शिक्षक का) तबादला किसी अन्य विद्यालय में कर दिया जाए।”
प्रशासनिक चुप्पी और उठते सवाल
इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या स्कूलों में अब अनुशासन नाम की कोई चीज नहीं बची?
मासूम बच्चों के मानस पटल पर पड़ने वाले इस नकारात्मक असर का जिम्मेदार कौन है?
क्या विभाग ऐसे ‘जूतामार’ प्रधानाध्यापक पर कड़ी कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाएगा?
फिलहाल, इस मामले के बाद क्षेत्र के शिक्षकों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। अब सबकी नजरें जिला शिक्षा पदाधिकारी के फैसले पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं।
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