छात्रों को मिलेगी सौगात: औरंगाबाद में बनकर तैयार हो रहा है 100 बेड वाला अत्याधुनिक छात्रावास, DM ने परखी गुणवत्ता
औरंगाबाद। जिले के पिछड़ा वर्ग के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से निर्माणाधीन 100 बेड (आसन) वाले पिछड़ा वर्ग छात्रावास का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। शनिवार को जिलाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) ने स्वयं निर्माण स्थल पर पहुँचकर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुविधाओं और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं का सूक्ष्म निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल भवन की संरचना ही नहीं, बल्कि छात्रावास के भीतर दी जाने वाली हर छोटी-बड़ी सुविधा की जांच की। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया:
- पेयजल एवं स्वच्छता: शुद्ध पेयजल की आपूर्ति और शौचालयों की बेहतर स्थिति।
- विद्युत व्यवस्था: पूरे परिसर में सुरक्षित और निर्बाध बिजली की उपलब्धता।
- फर्नीचर: छात्रों के लिए बेंच-डेस्क और कमरों की साज-सज्जा।
“विद्यार्थियों को मिले स्वच्छ और सुरक्षित माहौल”
जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता और मौके पर मौजूद पदाधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा (Deadline) के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रावास का संचालन शुरू होने से पहले सभी मानकों की दोबारा जांच की जाए, ताकि यहाँ रहने वाले छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
”हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को एक ऐसा सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना है, जहाँ वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। गुणवत्ता के मानकों में कोई भी कमी पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।” — अभिलाषा शर्मा, जिलाधिकारी
समयबद्धता पर विशेष जोर
प्रशासन का प्रयास है कि इस छात्रावास को जल्द से जल्द छात्रों के लिए खोल दिया जाए। डीएम के इस सक्रिय निरीक्षण से उम्मीद जताई जा रही है कि बाकी बचे हुए कार्यों में तेजी आएगी और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह छात्रावास औरंगाबाद के पिछड़ा वर्ग के प्रतिभावान छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा।