औरंगाबाद: श्री सीमेंट फैक्ट्री के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को रौंदा, युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। नगर थाना क्षेत्र के श्री सीमेंट फैक्ट्री के पास शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बारुण थाना क्षेत्र के बहुआरा गांव निवासी कपिल देव सिंह के 32 वर्षीय पुत्र प्रमोद कुमार के रूप में हुई है।
ससुराल से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमोद शुक्रवार को अपनी पत्नी पूनम को उसके मायके (ससुराल) छोड़ने गया था। रात वहीं रुकने के बाद शनिवार को वह अपनी बाइक से वापस घर लौट रहा था। जैसे ही वह श्री सीमेंट फैक्ट्री के समीप पहुँचा, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी और रौंदते हुए निकल गया। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार होने में सफल रहा।
परिजनों में मचा कोहराम, मासूम के सिर से उठा पिता का साया
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। घटनास्थल पर पहुँचते ही परिजन शव से लिपटकर चीखने-चिल्लाने लगे, जिससे माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। बताया जा रहा है कि प्रमोद मुंबई की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था और करीब एक महीने पहले ही घर आया था। वह दो भाइयों में बड़ा था। उसकी शादी तीन साल पहले हुई थी और उसका एक साल का छोटा बेटा भी है।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन पर लगाए आरोप
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि श्री सीमेंट फैक्ट्री के कारण सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग रहती है। साथ ही, फैक्ट्री से उड़ने वाली धूल सड़क पर जमा हो जाती है, जिससे बाइक चालकों को सड़क साफ दिखाई नहीं देती और फिसलन बनी रहती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि:
- फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
- सड़क के दोनों ओर अवैध पार्किंग पर तुरंत रोक लगे।
- धूल को दबाने के लिए सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव किया जाए।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने उग्र लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, शुरुआत में आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया और मुआवजे व फैक्ट्री प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।