औरंगाबाद: बिजली बिल माफी की अफवाहों से सावधान! विभाग ने कहा- कोई छूट नहीं, बकाया नहीं चुकाया तो कटेगी बत्ती
लोक अदालत में निपटाए गए बिजली चोरी के मामले; कार्यपालक अभियंता ने दिया सख्त संदेश- बिना भुगतान बिजली जलाई तो होगी कानूनी कार्रवाई
अगर आप भी सोशल मीडिया पर चल रही बिजली बिल या ब्याज माफी की खबरों पर भरोसा कर भुगतान नहीं कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। यह लापरवाही आपको अंधेरे में धकेल सकती है। शनिवार को औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में आयोजित ‘लोक अदालत’ के दौरान बिजली विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए उपभोक्ताओं को अफवाहों से बचने की सलाह दी है।
क्या है पूरा मामला?
लोक अदालत में बिजली चोरी और जुर्माने से जुड़े मामलों के निष्पादन के दौरान विद्युत कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि सरकार बिजली बिल या उस पर लगने वाले ब्याज को माफ करने की योजना चला रही है। अभियंता ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “ऐसी कोई भी योजना विभाग या राज्य सरकार के स्तर पर नहीं चल रही है।”
125 यूनिट फ्री, लेकिन पुराना हिसाब देना होगा:
विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देशानुसार घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट बिजली मुफ्त जरूर दी जा रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पुराना बकाया माफ कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को अपने पूर्व के बकाया बिल का शत-प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है।
बिल नहीं भरा तो खैर नहीं:
बिजली विभाग अब वसूली के ‘एक्शन मोड’ में है। मुख्यालय के आदेश पर स्पेशल टीम का गठन किया गया है जो घर-घर जाकर बकाया वसूली का अभियान चला रही है।
- बिल न जमा करने वालों का कनेक्शन तुरंत काटा जा रहा है।
- कनेक्शन कटने के बाद अगर कोई चोरी-छिपे या बिना भुगतान किए दोबारा लाइन जोड़ता है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी।
अपील:
विभाग ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और ससमय अपना बिजली बिल जमा करें ताकि वे निर्बाध विद्युत सेवा का लाभ ले सकें और किसी भी अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बच सकें।