औरंगाबाद सदर अस्पताल में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री (भा.प्र.से.) का औचक निरीक्षण; व्यवस्था सुधारने के निर्देश
Magadh Express–औरंगाबाद जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री (भा.प्र.से.) ने आज दिनांक 01 दिसंबर 2025 को सदर अस्पताल, औरंगाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानना था।

विस्तृत निरीक्षण और फीडबैक
जिलाधिकारी ने अस्पताल के सभी महत्वपूर्ण विभागों, जैसे इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, नेत्र बाह्य, दंत बाह्य, महिला बाह्य विभाग, एक्स-रे केंद्र, परिवार नियोजन सह-परामर्श केंद्र, और दवा वितरण काउंटर का विस्तारपूर्वक जायजा लिया।उन्होंने चाइल्ड वार्ड, लेबर वार्ड, सामान्य वार्ड एवं ICU में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल की सुविधाओं—साफ-सफाई, दवा, जांच, और भोजन—के संबंध में सीधा फीडबैक प्राप्त किया।

तत्काल सुधार हेतु महत्वपूर्ण निर्देश
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने कुछ महत्वपूर्ण कमियों को चिह्नित किया और उनके तत्काल निवारण के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए:
अतिरिक्त पेयजल सुविधा: यह पाया गया कि पेयजल लेने के लिए एक ही स्थान पर अधिक भीड़ लग रही थी। इस पर जिलाधिकारी ने एक और पेयजल बिंदु (Drinking Water Point) स्थापित करने और अतिरिक्त पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि भीड़ की समस्या समाप्त हो सके। उन्होंने अस्पताल परिसर की नियमित और समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सफाईकर्मी उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया। महिला प्रसव केंद्र में पुरुष परिजनों की उपस्थिति पर उन्होंने गंभीर असंतोष व्यक्त किया और कड़े निर्देश दिए कि प्रसव केंद्र में केवल महिला परिजनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाए।

सेवाओं में गुणवत्ता और जिम्मेदारी पर जोर
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को सभी सेवाएँ समय पर, व्यवस्थित और बिना किसी असुविधा के उपलब्ध कराई जाएँ। उन्होंने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई एवं व्यवस्था को नियमित बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।अंत में, उन्होंने सभी अस्पताल कर्मियों को ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की कड़ी हिदायत दी, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
