औरंगाबाद में ‘भ्रष्टाचार’ पर सबसे बड़ी चोट: उत्पाद अधीक्षक अनिल आजाद के घर SVU का धावा, मिली करोड़ों की काली कमाई
औरंगाबाद | बिहार में चुनाव खत्म होते ही विशेष निगरानी इकाई (SVU) एक्शन मोड में आ गई है। रविवार की सुबह औरंगाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी की टीम ने उत्पाद अधीक्षक (Excise Superintendent) अनिल कुमार आजाद के ठिकानों पर दबिश दी है। एनएच-19 किनारे स्थित सत्येंद्र नगर मुहल्ले में चल रही इस छापेमारी से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
1.58 करोड़ की ‘काली कमाई’ का आरोप
एसवीयू की यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित करने के मामले में की जा रही है। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि अनिल कुमार आजाद ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 1 करोड़ 58 लाख 45 हजार 888 रुपये की अवैध संपत्ति जमा की है। यह संपत्ति उनकी वैध आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक है। पुख्ता सबूत मिलने और विस्तृत सत्यापन के बाद, निगरानी इकाई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कोर्ट से सर्च वारंट हासिल किया।
मुहल्ले में पसरा सन्नाटा, घर के अंदर जांच जारी
सुबह होते ही एसवीयू की टीम ने सत्येंद्र नगर स्थित आजाद के आवास को घेर लिया। छापेमारी इतनी गोपनीय थी कि आसपास के लोगों को भी इसकी भनक देर से लगी। फिलहाल मुहल्ले में सन्नाटा पसरा है और घर के भीतर टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच की आंच सिर्फ औरंगाबाद तक सीमित नहीं है; एजेंसी को आजाद और उनके रिश्तेदारों के नाम पर अन्य जिलों में भी बेनामी संपत्ति और निवेश के इनपुट मिले हैं।
अब ‘फास्ट-ट्रैक’ मोड में होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई का ‘पहला चरण’ है। बैंक ट्रांजेक्शन, प्रॉपर्टी के कागजात और संदिग्ध निवेशों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों में एसवीयू ने इंजीनियरों और ब्लॉक अधिकारियों से लेकर पुलिस पदाधिकारियों तक पर नकेल कसी है। एजेंसी ने साफ संदेश दिया है कि अब भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘फास्ट-ट्रैक’ नीति के तहत कार्रवाई होगी।