नबीनगर विधानसभा: 112 वोटों की कांटे की टक्कर में JDU के चेतन आनंद ने RJD को पछाड़ा, ऐतिहासिक सीट पर NDA की जीत
15 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में औरंगाबाद जिले की नबीनगर सीट पर ड्रामा तब चरम पर पहुंचा जब अंतिम राउंड की गिनती में JDU के चेतन आनंद ने महज 112 वोटों के मामूली अंतर से RJD के अमोद चंद्रवंशी को हरा दिया। यह जीत न केवल एनडीए के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बिहार के पहले उपमुख्यमंत्री अनुग्रह नारायण सिन्हा की कर्मभूमि पर NDA की मजबूती का प्रतीक भी बनी।
काउंटिंग के दौरान नौ राउंड तक चेतन आनंद 409 वोटों से पीछे चल रहे थे, लेकिन अंतिम चरण में हवा का रुख बदल गया। कुल वोटों में चेतन आनंद को 58,456 वोट मिले, जबकि अमोद चंद्रवंशी को 58,344 वोट। यह अंतर इतना बारीक था कि पूरे जिले में सांसें थम सी गईं। नबीनगर सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय था, जहां पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के बेटे चेतन आनंद की मौजूदगी ने इसे हाई-वोल्टेज बना दिया। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार भी मैदान में थे, लेकिन उनकी हिस्सेदारी सीमित रही।
औरंगाबाद जिले की छह विधानसभा सीटों में से पांच पर एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें ओबरा, कुटुंबा, रफीगंज और तेदगान भी शामिल हैं। केवल गोह सीट पर RJD को सफलता मिली। जिले में कुल वोटिंग प्रतिशत 62.45 रहा, जो पिछले चुनाव से थोड़ा बेहतर है। चेतन आनंद ने जीत के बाद समर्थकों से कहा, “यह जीत नबीनगर की जनता की है। हम विकास के रास्ते पर और तेजी से बढ़ेंगे।” वहीं, हार स्वीकार करते हुए अमोद चंद्रवंशी ने कहा, “हमारी लड़ाई जारी रहेगी। यह अंतर हमें और मजबूत बनाएगा।”
नबीनगर की यह सीट हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है। अनुग्रह नारायण सिन्हा की विरासत यहां आज भी जीवित है, और इस बार का मुकाबला स्थानीय मुद्दों जैसे बाढ़ प्रबंधन, सड़क विकास और रोजगार पर केंद्रित रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि बाहुबली छवि और पारिवारिक राजनीति ने यहां वोटों को बांटा, लेकिन अंततः विकास का एजेंडा भारी पड़ा।
बिहार में NDA सरकार के बरकरार रहने के संकेत मिल चुके हैं, जहां 243 सीटों में से 200 का आंकड़ा पार गया है। नबीनगर जैसी सीटों की जीत NDA की रणनीति की सफलता को रेखांकित करती है। पूरे राज्य के नतीजों पर नजरें टिकी हैं, जहां महागठबंधन को कई चौंकाने वाले झटके लगे हैं।