सासाराम स्ट्रांग रूम में रात में ट्रक घुसा, मचा हड़कंप — विपक्ष ने लगाया ईवीएम छेड़छाड़ का आरोप, प्रशासन ने बताया अफवाह
मगध एक्सप्रेस न्यूज
सासाराम (रोहतास)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से ठीक पहले सासाराम में बुधवार देर रात हड़कंप मच गया। कृषि बाजार समिति, ताकिया स्थित स्ट्रांग रूम परिसर में रात करीब 11:30 बजे एक ट्रक घुस गया, जिसमें खाली टीन के बक्से लदे थे। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद उम्मीदवारों और समर्थकों के बीच अफरा-तफरी फैल गई और कुछ ही देर में भारी हंगामा शुरू हो गया।
विपक्ष का हंगामा और आरोप
घटना के बाद महागठबंधन के उम्मीदवारों और समर्थकों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
राजद, कांग्रेस और अन्य दलों के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देर रात ट्रक घुसना “ईवीएम से छेड़छाड़ या वोट चोरी की साजिश” का हिस्सा है।
राजद के राजेश यादव (दिनारा), कांग्रेस के संतोष मिश्रा (करघार), निर्दलीय ज्योति सिंह (काराकाट) और राजद के सतेंद्र शाह समेत कई उम्मीदवार मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करने लगे।
उनका आरोप था कि सीसीटीवी कैमरे बंद थे और बिना सूचना ट्रक को स्ट्रांग रूम के अंदर आने दिया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।
प्रशासन की तत्पर कार्रवाई
सूचना मिलते ही डीएम उदिता सिंह और एसपी रोशन कुमार रात में ही मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
जांच में पाया गया कि ट्रक कृषि विभाग का वाहन था, जिसमें केवल खाली टीन के बक्से लदे थे और उसका चुनावी प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं था।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित है, ईवीएम में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई है और लाठीचार्ज जैसी कोई घटना नहीं घटी।
डीएम ने अपील की कि “किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, मतगणना पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में होगी।”
इसके साथ ही चेनारी विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जांच और शिकायतें
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि अगर किसी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस प्रत्याशी संतोष मिश्रा ने चुनाव पर्यवेक्षक को इस संबंध में लिखित शिकायत सौंपी है।
दूसरी ओर, सातों विधानसभा क्षेत्रों के समर्थक रात भर मतगणना केंद्र के बाहर डटे रहे और निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
घटना के वीडियो क्लिप और लाइव स्ट्रीमिंग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है।
वीडियो में उम्मीदवारों और समर्थकों के विरोध, नारेबाजी और अफरातफरी के दृश्य देखे जा सकते हैं।
हालांकि, प्रशासन ने दोहराया है कि “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और मतगणना गुरुवार सुबह 8 बजे से निर्धारित समय पर शुरू होगी।”
सासाराम की यह घटना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ गई है।
जहां प्रशासन इसे “साधारण गलती” बता रहा है, वहीं विपक्ष ईवीएम सुरक्षा को लेकर कड़ा सवाल उठा रहा है।
अब सबकी नज़रें मतगणना दिवस पर हैं — जब यह साबित होगा कि यह हड़कंप अफवाह थी या सच्चाई की आहट।