बिहार चुनाव 2025: पहले चरण में 60% की रिकॉर्ड वोटिंग, ‘बदलाव’ की हवा या दिग्गजों की वापसी?

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121 सीटों पर 2.25 करोड़ से ज्यादा वोट पड़े, 20 साल का टूटा रिकॉर्ड। युवा और महिला मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सबकी निगाहें 14 नवंबर के नतीजों पर।


​पटना, 6 नवंबर 2025 : ​बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का डंका बज चुका है। 18 जिलों की 121 सीटों पर आज शाम 5 बजे तक रिकॉर्ड 60.13% मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा न सिर्फ 2020 (57.05%) और 2015 (56.82%) से अधिक है, बल्कि पिछले दो दशकों में पहले चरण का सबसे ऊंचा मतदान प्रतिशत है।


​कुल 2.39 करोड़ मतदाताओं में से 2.25 करोड़ से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो 2020 के पहले चरण की तुलना में 8.9% अधिक है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मतदान में यह उछाल ‘बदलाव’ की एक मजबूत लहर का संकेत हो सकता है।

60% मतदान: ‘बदलाव’ का स्पष्ट संकेत?


​ ​चुनाव विश्लेषकों के अनुसार, इस बंपर वोटिंग के पीछे दो प्रमुख फैक्टर हैं: युवा और महिलाएं।


​युवाओं का उत्साह: कई रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि युवा वोटर ‘वोट चोरी’ (रोजगार और विकास के मुद्दे) के खिलाफ मुखर होकर वोट करने निकले, जो INDIA गठबंधन (RJD-कांग्रेस) के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।


​महिलाओं की भागीदारी: वहीं, NDA का दावा है कि महिलाओं का बढ़ा हुआ वोट उनकी कल्याणकारी योजनाओं और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे पर मुहर है।


​जमीन से आ रही रिपोर्टें भी मिश्रित हैं। कुछ का मानना है कि INDIA गठबंधन 75 से अधिक सीटें जीतकर ‘स्वीप’ कर रहा है, तो वहीं NDA समर्थक BJP को 70-80 और JDU को 20-30 सीटें देकर ‘लैंडस्लाइड’ जीत का दावा कर रहे हैं।


दिग्गजों की कुर्सी: 7 हॉट सीटों पर फंसी सांसें


​पहले चरण में कई बड़े चेहरों की किस्मत EVM में कैद हो गई। आइए देखते हैं टॉप 7 हॉट सीटों का रुझान:


रघोपुर:
​दिग्गज: तेजस्वी यादव (RJD, MGB CM फेस)
​रुझान: तेजस्वी की पकड़ बेहद मजबूत मानी जा रही है। 2020 में 30,000 से ज्यादा वोटों से जीते तेजस्वी को युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है। (कुर्सी ‘रहेगी’)


तरापुर:
​दिग्गज: सम्राट चौधरी (BJP, डिप्टी CM)
​रुझान: JDU के पुराने गढ़ में अब BJP ने सम्राट चौधरी को उतारा है। RJD से कड़ी टक्कर के बावजूद सम्राट की अपनी लोकप्रियता के चलते उनकी कुर्सी ‘बचती’ दिख रही है।


लखीसराय:
​दिग्गज: विजय कुमार सिन्हा (BJP, डिप्टी CM)
​रुझान: यह BJP का मजबूत गढ़ है और सिन्हा 2015 से लगातार जीत रहे हैं। (कुर्सी ‘रहेगी’)


महुआ:
​दिग्गज: तेज प्रताप यादव (RJD)
​रुझान: मुकाबला त्रिकोणीय है। तेज प्रताप की ‘फैमिली पावर’ मजबूत है, लेकिन LJP और कुछ हद तक आंतरिक गुटबाजी (RJD vs RJD?) से उन्हें चुनौती मिल रही है। (संभावना मजबूत, लेकिन पेंच फंसा)


अलीनगर:
​दिग्गज: मैथिली ठाकुर (BJP, सिंगर-टर्न्ड-पॉलिटिशियन)
​रुझान: यह RJD का पारंपरिक गढ़ रहा है। BJP ने नया चेहरा उतारा है, लेकिन अगर मुस्लिम वोट एकजुट हुआ तो मैथिली ठाकुर के लिए यह सीट निकालना बेहद मुश्किल होगा। (कुर्सी ‘जाएगी’ की संभावना)


​पटना साहिब:
​दिग्गज: रत्नेश कुशवाहा (BJP) vs शशांक शेखर (कांग्रेस)
​रुझान: BJP का शहरी किला, लेकिन पार्टी ने नया चेहरा उतारा है। NDA का पलड़ा भारी है, लेकिन कांग्रेस सरप्राइज दे सकती है।


आरा:
​दिग्गज: संजय सिंह (BJP) vs विजय कुमार गुप्ता (JSP)
​रुझान: यह सीट BJP-RJD के बीच झूलती रही है। NDA फेवरेट है, लेकिन JSP वोटों में सेंध लगा सकती है।

​JDU कमजोर, BJP मजबूत: नीतीश का क्या होगा?



​74 वर्षीय JDU प्रमुख नीतीश कुमार (जिन्हें लालू यादव ने ‘पलटू राम’ कहा) खुद मैदान में नहीं हैं, लेकिन उनकी कुर्सी दांव पर है। जमीन पर JDU के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी साफ दिख रही है, जबकि BJP मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। 2020 में JDU की सीटें 71 (2015) से घटकर 43 रह गई थीं।


​अगर NDA 120+ का आंकड़ा पार करती है, तो नीतीश कुमार की कुर्सी बच सकती है; वरना तेजस्वी यादव के ‘राज’ का रास्ता साफ हो सकता है। जैसा कि आज लालू यादव ने वोट डालने के बाद कहा, “20 साल काफी, अब रोटी-वोट का समय है!”


​पहले चरण का ‘वोट-नाटक’ EVM में बंद हो गया है। अब सबकी निगाहें 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान और 14 नवंबर को आने वाले अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।

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