Aurangabad:ओबरा बाजार में Reckitt Benckiser और Patanjali Food Ayurvedic जैसी कंपनी के नकली सामान का बड़ा जखीरा पकड़ाया, दो गिरफ्तार,प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

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Magadh Express: औरंगाबाद जिले में Reckitt Benckiser (India) Private Limited और Patanjali Food Ayurvedic Limited जैसी नामी कंपनियों के नकली सामान के अवैध कारोबार का ओबरा बाजार में पर्दाफाश हुआ है। जांचकर्ता कंपनी IMPACTIVE BRAND SOLUTION LLP की पहल पर ओबरा पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली उत्पाद बरामद किए हैं और दो लोगों को हिरासत में लिया है।


जांचकर्ता की सूचना पर हुई कार्रवाई
IMPACTIVE BRAND SOLUTION LLP में जांचकर्ता के पद पर कार्यरत अजय पंडित ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर बताया कि ओबरा बाजार में उनकी क्लाइंट कंपनियों का नकली सामान बेचा जा रहा है। उनकी गुप्त सूचना के आधार पर, ओबरा थानाध्यक्ष ने पुलिस बल के साथ अजय पंडित को लेकर बताए गए ठिकानों पर छापेमारी की।


दो स्थानों से भारी मात्रा में नकली माल जब्त
पहला छापा उपेंद्र मेहता, पिता राजाराम, पता देवकली, थाना ओबरा के घर पर मारा गया। तलाशी के दौरान कमरे से बड़ी मात्रा में नकली उत्पाद बरामद हुए, जिसकी सूची इस प्रकार है:

  • बीट हेयर रिमूवर क्रीम (30 ग्राम पैक): 312 पीस
  • पतंजलि दंत कांति टूथपेस्ट (100 ग्राम भरा पैक): 300 पीस
  • हार्पिक टॉयलेट क्लीनर (भरा बोतल): 145 पीस
    जब्ती सूची दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तैयार की गई। मालिक उपेंद्र मेहता कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सके।

  • इसके बाद, पास के सुनील किराना स्टोर पर भी जांच की गई, जहाँ से नकली सामान बरामद हुआ। दुकान के मालिक की पहचान सुनील कुमार, पिता राम लखन महतो, पता जोगी बीघा, थाना जम्होर, जिला औरंगाबाद के रूप में हुई।
  • उनके पास से जब्त किए गए सामान में शामिल हैं:
  • बीट हेयर रिमूवर क्रीम: 142 पीस
  • पतंजलि दंत कांति टूथपेस्ट (100 ग्राम भरा): 144 पीस

  • कॉपीराइट अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
    जांचकर्ता अजय पंडित ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कार्य कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 63/65 के तहत एक गंभीर कानूनी अपराध है। धारा 63 के तहत कॉपीराइट उल्लंघन एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जाता है, जिसमें कम से कम छह माह से लेकर तीन वर्ष तक की कारावास की सज़ा हो सकती है।ओबरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और लिखित आवेदन के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा मामले की आगे की जांच की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

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