दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट,पदाधिकारियों ने कहा विधि व्यव्स्था सर्वोच्च प्राथमिकता
संदीप कुमार
औरंगाबाद: नवीनगर थाना परिसर में औरंगाबाद एसडीएम (अनुमंडल पदाधिकारी) और एस.डी.पी.ओ. सदर 1 (पुलिस उपाधीक्षक) ने पूजा समिति के साथ बैठक की, जिसमें दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और त्योहार के शांतिपूर्ण आयोजन पर चर्चा की गई। इस बैठक में पूजा स्थलों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ, ताकि त्योहार का आयोजन सुचारू रूप से और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

बैठक में दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिये सभी संबंधित विभागों, पुलिस पदाधिकारियों, नगर निकायों और पूजा समितियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किये गये।
इस दौरान अधिकारीयो ने कहा कि विधि-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है और सभी अधिकारी सजग, सतर्क और सक्रिय रहें।वही अधिकारीयो ने पूजा समिति के पदाधिकारी के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिया गया। जिसमें यह बतलाया गया कि सभी पंडालों में सीसीटीवी लगाना अग्निशामक यंत्र रखना बाल्टी में बालू एवं महिला पुरुष के लिए बैरिकेडिंग आदि इन सब बात को लेकर निश्चित रूप से व्यवस्था करने की बात कही गई। पंडालों में बिजली सज्जा को लेकर नंगा तार नहीं लगाने की बात भी बोली गई।

बैठक में एसड़ीपीओ ने कहा कि दुर्गा पूजा आपसी भाईचारे और सौहार्द का पर्व है, जिसे शांति और सद्भाव के साथ मनाया जाना चाहिए।बैठक के दौरान एसडीपीओ ने पूजा कमेटी के अध्यक्ष से पूजा-कार्यक्रम के संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने सभी से कहा कि पूजा का आयोजन सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार ही संपन्न कराया जाये। युवाओं को वोलेंटियर के रूप में अधिक से अधिक शामिल किया जाये और वोलेंटियर बिल्ला पर नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित हो।वही थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार उपाध्याय ने सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की।
एसडीपीओ ने विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्ग से ही समय पर विसर्जन करने का निर्देश दिया।एसडीएम ने लोगों से शांतिपूर्ण माहौल में दुर्गा पूजा मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पूरी नजर रहेगी। कानून का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। एसडीपीओ सदर 1 संजय कुमार पान्डेय ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान धार्मिक गीत, मैया जागरण के अलावा अन्य अश्लील कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और पूजा समितियों के सदस्य मौजूद रहे।