22 सीटों के ब्रह्मास्त्र से चिराग का एनडीए में धमाका, रफीगंज-ओबरा पर भी दावेदारी

0
Screenshot_2025-09-28-21-21-09-64_3a637037d35f95c5dbcdcc75e697ce91

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक समीकरण और पेचीदा होते जा रहे हैं। इस बार सुर्खियों में हैं एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जिन्होंने एनडीए के भीतर सीट बंटवारे की बिसात पलटने का खेल शुरू कर दिया है।सूत्रों के मुताबिक, चिराग ने अपनी पार्टी के लिए 22 पक्की सीटों की सूची तैयार कर ली है और अगले 24 से 48 घंटों में वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। इस लिहाज से दिल्ली इस समय सत्ता समीकरण का नया अड्डा बन गई है। उनके आवास पर समर्थकों और नेताओं की हलचल बताती है कि बड़ा ऐलान जल्द हो सकता है।

रफीगंज और ओबरा पर सियासी मोर्चा

जानकारी है कि चिराग की सूची में औरंगाबाद जिले की रफीगंज और ओबरा विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। रफीगंज से प्रमोद कुमार सिंह और ओबरा से डॉ. प्रकाश चंद्रा को उम्मीदवार मानकर एलजेपी आगे की तैयारी कर रही है। इन सीटों पर पहले से भाजपा और जेडीयू मजबूत मानी जाती रही हैं, लेकिन चिराग ने इसे अपने “ब्रह्मास्त्र” में शामिल कर एनडीए सहयोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

किसके उड़ गए होश?

चिराग ने जिन 22–25 सीटों पर दावा ठोका है, उनमें कई पर मौजूदा विधायक भाजपा और जेडीयू के हैं। यहां तक कि बिहार सरकार के एक-दो मंत्री भी उनकी इस लिस्ट को देखकर सकते में हैं। इन दावों के साथ चिराग ने एक राज्यसभा सीट पर भी दावा ठोंक दिया है, जिससे एनडीए के भीतर बेचैनी साफ दिख रही है।

“20 से कम नहीं चाहिए” – चिराग की जिद

सूत्र बताते हैं कि चिराग पासवान किसी भी हालत में 20 से कम सीटों पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं। अगर उन्हें 45 सीटें नहीं मिलतीं, तो कम से कम 22 सीटों की गारंटी वे चाहते हैं। इन सीटों को लेकर उनका दावा है कि पार्टी की जमीनी तैयारी पूरी है और एलजेपी के उम्मीदवार यहां सीधी टक्कर देने की स्थिति में हैं।

चिराग की सूची में ये अहम सीटें

चिराग जिन सीटों पर डटे हुए हैं, उनमें ब्रह्मपुर, सोनबरसा, रफीगंज, महुआ, गायघाट, तरैया, महनार, अरवल, जहानाबाद, ओबरा, सिमरी बख्तियारपुर, कदबा, मटिहानी, रुपौली, कसबा, डेहरी, अतरी, साहेबपुर कमाल और अलौली जैसी सीटें शामिल हैं। इन पर पहले से ही एनडीए के मौजूदा नेता मजबूत स्थिति में माने जाते रहे हैं।

दिल्ली में सुलझेगा विवाद या गहराएगा संकट?

अब असली सवाल यह है कि भाजपा और जेडीयू चिराग की इन आक्रामक मांगों को कितना मान पाती हैं। क्या एनडीए दबाव को झेलते हुए समझौते पर पहुंच जाएगा या फिर यह खींचतान गठबंधन की मजबूती पर ही बड़ा सवाल खड़ा कर देगी?


एक बात तो तय है — चिराग पासवान ने 22 सीटों की यह सूची थमाकर बिहार की राजनीति में तूफान ला दिया है।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed