Aurangabad:बालूगंज बाजार बंद की सूचना पर पहुंचे अधिकारी और जन प्रतिनिधि,आश्वासन के बाद खुला बाजार,दोषियों पर कार्रवाई का मिला आश्वासन,थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप
Magadh Express:औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड में बालूगंज बाजार बंद किए जाने की सूचना पर भाजपा एमएलसी दिलीप कुमार सिंह, एसडीओ औरंगाबाद संतन कुमार सिंह व एसडीपीओ टू चंदन कुमार बालूगंज बाजार पहुंचे। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर मामले का निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर तीसरे दिन बालूगंज बाजार खुल गया।

स्थानीय लोगों ने सुनाई अपनी समस्याएं:- पूर्व मुखिया द्वारा यह कहा गया कि बालूगंज बाजार अतिक्रमण के जद में है। सड़क के दोनों ओर फुटपाथी दुकानदार दुकान लगाते हैं। जिसके कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। पिछले दिनों सड़क किनारे से बाइक हटाने को लेकर ही पुलिस की एक युवक के साथ विवाद हुई थी। इसके बाद मामला तूल पकड़ लिया। इसी मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई से लोग नाराज हैं।

अधिकारियों ने आक्रोशितों को समझाया :बालूगंज बाजार में स्थानीय कारोबारियों और फुटपाथी दुकानदारों की ओर से अतिक्रमण किए जाने की बात को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। बाद में एसडीओ संतन कुमार सिंह सहित अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। उन्होंने ग्रामीणों को जमकर फटकार लगाया। काफी मन मनौअल के बाद मामला शांत हुआ। एमएलसी दिलीप कुमार सिंह के आश्वासन पर ग्रामीण दुकान खोलने को राजी हुए। घटना की सूचना पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुखिया दुलारे पंचायत बिजेंद्र यादव, बसंत सिंह, रेखा देवी, अजय भुइयां, कंचन गुप्ता, सत्येंद्र आजाद,सुभाष गुप्ता, समेत कई लोग बालूगंज बाजार पहुंचे थे।

थानाध्यक्ष और दोषी पुलिस अधिकारियों को हटाए जाने की मांग
ग्रामीणों ने अधिकारियों से थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस पदाधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार करती है। पुलिस के रवैया से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर लोगों को परेशान करती है। पुलिस द्वारा वाहन जांच के नाम पर अवैध वसूली की जाती है।पुलिस द्वारा यहां के लोगों से केस में पैरवी सहित कई कार्यों को लेकर अवैध वसूली किया जाता है , जिसका प्रमाण भी उपलब्ध है ।अवैध वसूली की राशि यही के सीएसपी के माध्यम से अलग अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता है ।जिसका साक्ष्य उपलब्ध है । व्यवसायियों ने कहा कि आश्वासन के बाद दुकान खोलने का निर्णय लिया गया है ,साथी ही 48 घंटे के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो पुनः बाजार को बंद कर दिया जायेगा ।व्यवसायियों ने कहा कि एसडीपीओ साहब ने यहां के सभी बच्चों जिनका नाम एफआईआर में आया है ,उनका नाम हटाने का आश्वासन दिया है ।यदि इन बच्चों पर आज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दिया तो कल उनका भविष्य खराब हो जायेगा ।

वही एफआईआर में नामजद लोगों के अभिभावकों का कहना है कि हमलोग जानते है कि हमरा बच्चा गलत नहीं है ,तो हमलोग उसके साथ गलत क्यों होने दें ।हमलोग को न्याय नहीं मिलेगा तो पुनः बाजार बंद करेंगे और पूरे बाजार के लोग जन प्रतिनिधियों को लेकर जिला स्तर और राज्य स्तर के पदाधिकारी तक न्याय के लिए दौड़ेंगे तथा कोर्ट का भी रुख करेंगे ।
17 सितंबर को सड़क किनारे से बाइक हटाने को लेकर बालूगंज बाजार के हीं दुकानदार जितेंद्र गुप्ता और जिओ कंपनी के स्टाफ के साथ मारपीट की गई। उनकी बाइक को जबरन थाना ले जाया गया। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने बाजार में आगजनी कर नारेबाजी की तथा बाजार को बंद कर दिया। पुलिस को यह बात नागवार गुजरी। मामले में पुलिस द्वारा आनन फानन में प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसमें 12 लोगों को नामजद तथा 50 से 60 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया।मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बालूगंज बाजार के ही रहने वाले राजा कुमार सोनी को गिरफ्तार कर लिया और दूसरे दिनों से जेल भेज दिया गया। लोगों का आरोप है की जेल भेजने से पहले पुलिस जीप से निकाल कर थानाध्यक्ष के द्वारा युवक की बेरहमी से पिटाई की गई।

एसडीपीओ चंदन कुमार ने बताया कि फिलहाल मामले को सलटा लिया गया है। बालूगंज बाजार खुल गया है। मामले के निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।