महागठबंधन में सीटों का घमासान, माले ने कांग्रेस को दिखाया आईना

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे का विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच भाकपा-माले ने कांग्रेस की “ज्यादा सीटों की भूख” पर करारा हमला बोला है। माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कांग्रेस को सख्त नसीहत देते हुए कहा कि उसे अपनी “लड़ाई की क्षमता” के मुताबिक सीट मांगनी चाहिए, वरना महागठबंधन को नुकसान उठाना पड़ेगा।

दीपंकर ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा— “कुछ नेताओं द्वारा 70 सीटों की मांग की खबरें सामने आ रही हैं। लेकिन हकीकत यह है कि पिछली बार कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ 19 ही जीत पाई। जबकि 2015 में कांग्रेस 40 सीटों पर लड़ी थी और 27 सीटें जीतकर बेहतर स्ट्राइक रेट दिखाया था।”

उन्होंने कांग्रेस को सीधे शब्दों में चेतावनी दी— “कम सीटों पर चुनाव लड़कर जीत की संभावना बढ़ाना महागठबंधन के लिए फायदेमंद है। सीटों की गिनती बढ़ाने की जिद छोड़नी होगी और प्रदर्शन सुधारने पर ध्यान देना होगा।”

राजनीतिक गलियारों में दीपंकर का यह बयान कांग्रेस को आईना दिखाने वाला माना जा रहा है। क्योंकि महागठबंधन में पहले से ही आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर खींचतान चल रही है। अब माले ने कांग्रेस की “सीट महत्वाकांक्षा” पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

साफ है कि महागठबंधन के भीतर “सीटों की जंग” अब खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए माले ने यह भी संकेत दिया है कि छोटे दल महागठबंधन में अपनी ताकत और हिस्सेदारी को हल्के में लेने के लिए तैयार नहीं हैं।

बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस अब भी 70 सीटों की मांग पर अड़ी रहेगी या फिर दबाव में आकर पीछे हटेगी?

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